फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मऊः आरक्षण पर रोक से लोगों की उम्मीदें बढ़ीं, प्रचार में लगे लोगों को लगा झटका

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण पर हाई कोर्ट की ओर से रोक लगाने से लोगों की उम्मीदें बढ़ी हैं। आरक्षण पर रोक के बाद चुनाव में विलंब की आशंका से भावी प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार खर्च बढ़ने से चिंता भी होने लगी है। जिन क्षेत्रों को आरक्षित कर दिये जाने से लोगों को निराशा हो गई थी। उन्हें अब लगने लगा है कि शायद कोई नई गाइड लाइन निर्धारित होने से आरक्षण बदल जाए और वंचित लोगों को भी चुनाव लड़ने का मौका मिल सके।
विज्ञापन

जिला पंचायत क्षेत्र मझवारा के वर्तमान सदस्य संगीता यादव के पति विजय यादव कहते हैं कि उनका क्षेत्र तो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो ही गया था। उससे लगे इंदारा और केशव पुर सुल्तानीपुर की जिला पंचायत क्षेत्र भी अनुसूचित जाति के लिए ही आरक्षित हो गए हैं। मझवारा इसके पूर्व भी एक बार आरक्षित हो चुका है। इसी प्रकार मुमताज अहमद कहते हैं कि हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद शायद कोई और बेहतर विकल्पउभरकर सामने आए। संतोष कुमार कहते हैं कि आरक्षण पर रोक से पंचायत चुनाव में देरी की संभावना बढ़ सकती है। इससे प्रत्याशियों के चुनावी खर्च बढ़ सकते हैं। मनिराम यादव कहते हैं कि शासन दरा आरक्षा नीति की गाइड लाइन ही ऐसी बनानी चाहिए थी जिसमें गडबड़ी की तनिक भी गुंजाइश नहीं रह सके। पंकज सिंह कहते हैं कि संभवत: अब नई गाइड लाइन से वंचित लोगों को चुनाव लड़ने का मौका मिल सके।उधर डीपीआरओ घनश्याम सागर कहते हैं कि उच्चाधिकारियों का जो भी दिशा निर्देश प्राप्त होगा उसके अनुसार आगे की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें