जिले में कोरोना संक्रमण एक बाद फिर से बढ़ने की आशंका है। बीते 16 जून के बाद से संक्रमित मरीज मिल रहे है। 25 दिनों में 23 संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। वर्तमान में चार सक्रिय मरीज हैं। वहीं लगातार मरीज मिलने के बाद न तो लोगों द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर जागरूकता बरती जा रही है न ही स्वास्थ्य विभाग जांच का दायरा बढ़ा रहा है। जिम्मेदारों की मानीटरिंग न होने से निर्धारित जांच के सापेक्ष 50 फीसदी से भी कम जांच हो रही है।
बीते रविवार तक जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या चार थी, इसमें सभी मरीजों का उपचार होम आइसोलेशन में चल रहा है। वहीं अब तक नए मरीजों के मिलने से कुल मरीजों का आंकड़ा 9 हजार 51 तक पहुंच गया है। सकारात्मक बात है कि इसमें 8 हजार 961 मरीज रिकवर हो चुके है। 86 मरीजों की मौत हो चुकी है। संक्रमण ग्राफ के बढ़ने की बात करें तो यह ग्राफ बीते 16 जून से बढ़ने लगा है। 16 जून को सक्रिय मरीजों की संख्या शून्य थी, वहीं कुल अब तक मिले कुल मरीजों का आंकड़ा 9 हजार 27 थी। लेकिन 17 जून को एंटीजेन जांच में एक मरीज मिलने के बाद जिले में सक्रिय मरीज की संख्या शून्य से एक हो गई। जो कि 19 जून को तीन तक तो 22 जून को पांच 24 जून को दस तक पहुंच गई। आंकड़ों की माने तो 17 जून से 10 जुलाई तक जिले में 24 नए मरीज मिले, लेकिन वर्तमान में चार सक्रिय ही मरीज हैं, बाकी मरीज रिकवर हो चुके हैं। बावजूद नए मरीजों के मिलने के बाद विभाग द्वारा जांच का दायरा नहीं बढ़ाया जा रहा है। बीते रविवार को जहां आरटीपीसीआर से 267 जबकि एंटीजेन से 67, बीते शनिवार को आरटीपीसीआर से 448 और एंटीजेन से 137, बीते शुक्रवार को 434 आरटीपीसीआर और 102 एंटीजेन से जांच की गई।
विभाग द्वारा गठित मेडिकल टीमों द्वारा प्रतिदिन एक हजार संदिग्धों की जांच आरटीपीसीआर से तो 600 संदिग्धों की जांच एंटीजेन से की जानी है। इन जांचों के लिए जिले में 67 मेडिकल टीमें गठित है। ऐसे में सवाल उठता है कि संक्रमण का दायरा बढ़ने के बाद भी जांच को लेकर मेडिकल टीमों द्वारा क्यों लापरवाही बरती जा रही है।
25 लाख की आबादी में दस लाख की हो चुकी हैं जांच
सीएमओ डॉ. एसएन दुबे ने बताया कि जिले में दस लाख से अधिक लोगों की संक्रमण से बचाव को लेकर जांच की जा चुकी है। इसमें 4 लाख 73 हजार 779 संदिग्धों की जांच एंटीजेन से जबकि 4 लाख 73 हजार 437 लोगों की जांच आरटीपीसीआर से की जा चुकी है। बीते रविवार तक आरटीपीसीआर में 4 लाख 72 हजार 934 लोगों की जांच रिपोर्ट मिल चुकी है। वहीं 842 संदिग्धों की जांच रिपोर्ट आना शेष है।