मऊ। जिला कारागार में भोजन की खराब गुणवत्ता से नाराज बंदियों ने बुधवार को भूख हड़ताल कर दिया। 16 बैरकों के लगभग 620 कैदियों ने दिन का खाना नहीं खाया। जेल अधीक्षक ने बंदियों से जल्द ही व्यवस्था ठीक करने का आश्वासन देकर कैदियों को मनाने का प्रयास कर रहे थे लेकिन कैदियों ने उनकी बात नहीं मानी। अंत में शाम को अपर जिलाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक जिला कारागार पहुंच कर जेल अधीक्षक से बातचीत कर समस्या की जानकारी ली। अधिकारियों ने जेल में गुणवत्ता युक्त भोजन और नाश्ता की व्यवस्था कराने का अश्वासन दिया तब जाकर कैदियों ने शाम सात बजे भूख हड़ताल समाप्त किया।
जिला कारागार में बंदियों को भोजन और नाश्ता के लिए जेल के अंदर पाकशाला संचालित है। जेल में कैदियों को दिए जाने वाले भोजन का मीनू भी निर्धारित है। जेल की 16 बैरकों में रह रहे करीब 620 बंदियों ने बुधवार की सुबह यह कहकर नाश्ता करने से इनकार कर दिया कि उसकी गुणवत्ता ठीक नहीं है। भोजन में चावल में कंकड़ और दाल के नाम पर सिर्फ पानी दिया जा रहा है। रोटियां भी जली और कच्ची रहती हैं जो खाने लायक नहीं रहती हैं। इन बैरकों के बंदियों ने गुणवत्ता सुधारने की मांग करते हुए भूख हड़ताल कर दी। सुबह जब चाय-नाश्ता दिया जाने लगा तो बंदियों ने उसे भी लेने से साफ इनकार कर दिया। दोपहर में भोजन भी नहीं किया।
शाम को एडीएम केहरी सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी जय प्रकाश यादव, सीओ सिटी धनंजय मिश्र , सीओ राजकुमार सिंह,सहित पुलिस बल के साथ जिला जेल पहुंचे। अधिकारियों ने जेल अधीक्षक से बात करने के बाद कैदियों से बातचीत किया और उन्हें जेल में अचछा भोजन और नाश्ता मिलने का भरोसा दिया। तब जाकर कैदी भोजन के लिए तैयार हुए। इस बाबत एएसपी टीएन त्रिपाठी का कहना था कि जेल में अधिकारियों और कैदियों से बातचीत कर समस्या सुलझा दी गई ।