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जांच अधिकारियों ने गांवों में पहुंच की स्थलीय जांच

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मऊ। बड़राव और रानीपुर ब्लाक के दो सचिवों के बिना वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृति तथा बिना टेंडर के ही 29 लाख से रुपये ग्राम निधि खातों से निकालने के मामले की जांच सोमवार को अवकाश होने के बावजूद गांवों में जाकर किया। इन दोनों सचिवों को निलंबित करके दूसरे ब्लाकों में संबद्ध कर दिया गया है। दो अलग अलग जांच टीमों ने संबंधित ब्लाकों के गांवों में जाकर जांच किया।
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एक जांच टीम जिसमें भूमि संरक्षण अधिकारी राम किशोर वर्मा,जल निगम के लेखाकार,मनोज कुमार मौर्य, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केशरी प्रसाद और बेसिक शिक्षा के लेखाधिकारी उमाशंकर ने बड़रावं ब्लाक के मुजार बुजुर्ग,भटमिला और सोहड़ गांवों में जाकर जांच किया। यहां पर सेक्रेटरी अरविंद सिंह ने बिना टेंडर ,तकनीकी, वित्तीय और बिना प्रशासनिक स्वीकृति के बिना ही भटमिला पांजेपार गांव की ग्राम निधि से नौ अगस्त 2021को केंद्रीय वित्त आयोग से क्रमश: 179820 रुपये,179820 रुपये तथा 141205 रुपयों का भुगतान ले लिया।
इसके साथ ही उसी गांव की ग्राम निधि खाते से पंचम राज्य वित्त आयोग मद से 98400 रुपये ,164000 रुपये और 123000 रुपये यानी कुल 8 लाख 86 हजार 245 रुपये निकाल लिया। इसके अलावा सेक्रेटरी ने मुजार बुजुर्ग और सोहड़ गांवों से चतुर्थ राज्य वित्त आयोग से क्रमश: 141205 रुपये 141205 रुपये 10 अगस्त को निकाल लिया है।
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इधर रानीपुर ब्लाक के दौलसेपुर और काझा खुर्द गांवों में आरईएस के एक्सईएन, लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा जल निगम के एक्सईएन और एआर कोआपरेटिव ने स्थलीय जांच किया। इन दोनों गांवों में जांच अधिकारियों ने इंडिया मार्क 2 के रिबोर से अन्य कार्यों के नाम पर किए गए भुगतान की जांच किया। बता दें कि सचिव अरुण कुमार ने बिना टेंडर और बिना प्रशासनिक अनुमति के 8.459 लाख तथा काझा खुर्द गांव के खाते से 9.005 लाख रुपये निकाल लिया है। इस बारे में जांच अधिकारियों ने बताया कि वे अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौपेंगे।
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