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महापंचायत के नाम पर रैली गुंडे माफिया के शक्ति प्रदर्शन का कार्यक्रम: अनिल राजभर

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जिला पंचायत सभागार प्रेसवार्ता करते कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर। संवाद - फोटो : MAU
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सुभासपा के मंच पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ महापंचायत के नाम पर हुई रैली कोई राजनीतिक रैली नहीं बल्कि गुंडे-माफिया के शक्ति प्रदर्शन का कार्यक्रम था। इस मंच से राष्ट्रवीर राजा सुहेलदेव के वंशजों को अपमानित करने का कार्य किया गया। राष्ट्र और समाज के लिए अपनी जान की बाजी लगा देने वाले राष्ट्रवीरों को शराबी व नशेड़ी कहा गया। इसका जवाब राजभर समाज शीघ्र ही देगा। ये बातें प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री अनिल राजभर ने बृहस्पतिवार को जिला पंचायत के सभागार में पत्रकारों से बातचीत में कहीं।
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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर की ओर से बुधवार को मऊ के हलधरपुर में पार्टी के 19 वें स्थापना दिवस पर महापंचायत नाम से रैली आयोजित की गई थी। इसमें सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मौजूद थे। सुभासपा व सपा अध्यक्षों की उपस्थिति में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के गठबंधन की भी घोषणा की गई थी। इस रैली पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अनिल राजभर ने कहा कि यह रैली सुभासपा की महापंचायत गुंडे माफिया के सहयोग से सपा की ओर से आयोजित कार्यक्रम रहा। इसमें राजभर समाज के नाम पर नकली लोग जुटे हुए थे।
सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री ने कहा कि सैयद सलार मसूद की पूजा करने वाले मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव कभी चक्रवर्ती सम्राट सुहेलदेव को सम्मान देना तक गवारा नहीं समझे हैं। ऐसे में यह केवल राजभर समाज को शराबी ही सकते हैं। इनके द्वारा कभी समाज के हित में सोचा नहीं जा सकता। अनिल राजभर ने सवाल खड़ा किया कि ओमप्रकाश राजभर जिस सामाजिक न्याय समिति की लड़ाई का दावा करते हैं, क्या सपा सामाजिक न्याय समिति का समर्थन करेगी? केवल परिवारवाद की राजनीति करने वाले समाजवादी पार्टी के मुखिया ने 2017 विधानसभा से लगाए 2019 लोकसभा चुनाव तक एक भी राजभर को टिकट नहीं दिया। जबकि अब चुनाव आता देख नकली समाजवादी का चोला पहनकर राजभर हित की बात कर रहे हैं। कहा, सपा गुंडे-माफिया की पोषक रही है। यह सदैव से गुंडे-माफिया के हित की बात करती है। कहा कि मऊ में राजभर सम्मेलन के माध्यम से अपमान का बदला लिया जाएगा। नवंबर के आखिरी सप्ताह में मऊ में ही राजभर समाज का एक बड़ा सम्मेलन आयोजित कर ओमप्रकाश राजभर उर्फ असलम राजभर को जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह से ओमप्रकाश के मंच पर राजभर समाज अपमानित करने का कार्य किया गया है। उसका बदला राजभर समाज अवश्य लेगा।
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