शहर में जाम से निजात के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की जा सकी है। शहर के भीटी चौराहे से गाजीपुर तिराहे तक प्रतिदिन सुबह शाम जाम लगता है जिसमें फंसकर लोग परेशान होते हैं। शहर के व्यापारियों और प्रतिष्ठित लोगों का कहना है कि इस प्रमुख रोड पर अगर डिवाइडर बना दिया जाए तो जाम से निजात मिल सकती है।
जिले में वर्तमान में सभी प्रकार के वाहनों की संख्या तीन लाख से अधिक है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग शहर में विभिन्न कार्यों से आते हैं। वहीं व्यापार के सिलसिले में पड़ोसी जनपदों के लोग भी आते हैं। ऐसे में शहर में आए दिन भीड़ रहती है। शहर के भीटी चौराहे से गाजीपुर तिराहे तक की सड़क काफी व्यस्त रहती है। इस सड़क पर प्रतिदिन सुबह साढ़े आठ बजे से 11 बजे और दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक जाम लगा रहता है। कभी कभी शाम तक जाम लगा रहता है। ग्रामीण इलाकों से आने वाले लोगों के लिए कलेक्ट्रेट से सरकारी कार्यालयों तक जाने का यह एकमात्र रास्ता है। इस हाईवे पर भारी वाहन भी चलते हैं। भारी वाहनों से लेकर छोटे वाहन और ई रिक्शा तक आवागमन होता है। सुबह स्कूल खुलने के समय स्कूली वाहनों का तांता लग जाता है। इसके बाद कचहरी जाने वाले वकीलों और वादकारियों के जाने का सिलसिला शुरू होता है। स्कूल और कचहरी बंद होने के समय इस मार्ग पर वाहनों की भीड़ लग जाती है। भीटी से लेकर गाजीपुर तिराहे तक हाईवे की पटरियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। पटरियों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। उनमें कीचड़ और पानी भरा रहता है। पटरियों से ओवरटेक कर कर आगे निकलने की होड़ में अधिकांश वाहन फंस जाते हैं और जाम लग जाता है। इस मार्ग पर जब जाम लगता है तो कचहरी तिराहे से बलिया मोड़ स्टेडियम तक वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। शहर के लोगों का कहना है कि यदि भीटी चौराहे से गाजीपुर तिराहे तक डिवाइडर बना दिए जाएं तो जाम से निजात मिल सकती है।
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- सड़कों पर वाहनों का दबाव प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है जबकि सुगम यातायात की अपेक्षित व्यवस्था नहीं की जा सकी है। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए शहर के चारों ओर रिंग रोड का निर्माण होना चाहिए। इससे पहले हाईवे पर डिवाइडर बना दिए जाएं तो जाम से निजात मिल सकती है।-कन्हैया कुमार जायसवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष, व्यापार मंडल
- सभी सरकारी कार्यालय शहर के दक्षिणी छोर पर स्थित हैं। कई सरकारी और निजी बड़े स्कूल भी उसी दिशा में हैं। बड़ी गाड़ियां भी इसी रोड पर चलती हैं। यही वजह होती है कि इस सड़क पर अक्सर जाम लगा रहता है।-सोमारू सिंह चौहान, व्यापारी
- बाल निकेतन सहादतपुरा, रोडवेज आजमगढ़ मोड़ से गाजीपुर तिराहे तक पहले हमेशा जाम लगता था लेकिन श्रीराम मंदिर से आजमगढ़ मोड़ तक डिवाइडर बनने से इस मार्ग पर जाम की समस्या समाप्त हो गई है। इसी प्रकार भीटी चौराहे से गाजीपुर तिराहे तक यदि डिवाइडर बनाया तो जाम की समस्या से निजात मिल सकती है।- पंकज कुमार गुप्ता, अध्यक्ष, युवा व्यापार मंडल
- जब हाईवे पर जाम लगता है तो वाहन चालकों को अन्य कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं सूझता है। हाईवे के किनारे स्थित होटलों अथवा शादी घरों में यदि आयोजन होते हैं तो इस मार्ग से आने जाने वालों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ता है। प्रशासन को भीटी से गाजीपुर तिराहे तक डिवाइडर बनवाना चाहिए ताकि जाम से छुटकारा मिल सके।-अविनाश सिंह, युवा व्यापारी
कोट:
हाईवे का चौड़ीकरण प्रस्तावित है। चौड़ी करण के बाद डिवाइडर का निर्माण पीडब्ल्यूडी को करना चाहिए। यदि पीडब्ल्यूडी डिवाइडर नहीं बनाएगा तो नगरपालिका की तरफ से डिवाइडर बनवा कर लाइट लगवाई जाएगी।- मु. तैय्यब पालकी, चेयरमैन, नगरपालिका, मऊ।
सहादतपुरा में अब नहीं लगता जाम
पहले शहर के सहादतपुरा में मुख्य मार्ग पर हमेशा जाम लगा रहता था। डेढ़ साल पहले नगरपालिका की ओर से दो करोड़ की लागत से सड़क पर डिवाइडर बनवाया गया। इसके बाद इस सड़क जाम की समस्या समाप्त हो गई है। डिवाइडर पर लगी लाइट शहर की सुंदरता बढ़ गई है।