मऊ। नगर के वार्डों से निकलने वाले कचरा को नगर पालिका द्वारा रैनी में बरलाई-धवरियासाथ सड़क मार्ग किनारेेे बिना बांउड्री बाल के डपिंग्र ग्राउंड में डंप किया जा रहा है। वर्तमान में बारिश तथा नगर पालिका की उदासीनता के चलते डंप कचरा सड़क मार्ग के बीचोबीच बहकर जहां पहुंच रहा है। वहीं बिना बाउंड्री बाल के कचरा में पशुओं के घुसने के बाद कचरा को इधर-उधर फैलाया जा रहा है।
इसके अलावा हवाओं के बहने पर भीषण दुर्गंध से इस मार्ग से निकलने वाले वाहन चालकों-राहगीरों के अलावा स्थानीय गांव के लोगों को काफी इससे काफी समस्या हो रही है। लोगों ने नगर पालिका के जिम्मेदारों को लेकर इस संबंध में कई बार शिकायत करने के बाद भी इसको लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
नगर पालिका मऊ द्वारा नगर के 42 वार्डो से प्रतिदिन निकलने वाले करीब 120 मीट्रिक टन कचरा को डंप करने के लिए तीन माह पूर्व ही नगर से सात किमी दूर रैनी में करीब 12 बीघा जमीन डपिंग ग्राउंड के रूप में चिह्नित किया गया। यहां नगर पालिका द्वारा करीब एक माह से अधिक समय वहां बिना बाउंड्री बाल तथा कचरा निस्तारण प्लांट के बगैर ही यहां कचरा डंप किया जाना लगा है।
इतना ही नहीं नगर पालिका के जिम्मेदारों की मानीटरिंग में उदासीनता तथा सफाई कर्मियों द्वारा लापरवाही बरतते हुए कचरा सड़क किनारे ही डंप किया जा रहा है। ऐसे में बिना बाउंड्री बाल के सड़क किनारे कचरों के ढेर के चलते इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। जबकि सात किमी मुख्य मार्ग तथा इस रूट पर कासिमपुर आयुर्वेद अस्पताल, रैनी तथा कुर्थीजाफरपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा कई शिक्षण संस्थान बने हुए है।
ऐसे में अस्पताल में जाने वाले मरीजों के साथ छात्राओं को भी इस परेशानी से दो चार होना पड़ रहा है। वर्तमान में बारिश के बाद कचरा का मलबा सड़क पर बह के आ गया है। इतना ही नहीं बांउड्रीवाल न होने से छुट्टा पशुओं द्वारा भी इस कचरे को इधर उधर फैला रहा है। इस मामले में नपा के ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि पालिका द्वारा डपिंग ग्राउंड पर बांउड्री बनाने तथा कचरा निस्तारण प्लांट की योजना तैयार हो चुकी है। जल्द ही इसको लेकर प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा।
लोग बोले, हमारी परेशानी को भी समझे नपा के जिम्मेदार
मऊ। पारा निवासी राजन विश्वकर्मा ने कहा कि नगर पालिका के जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते रैनी, बैजापुर, कासिमपुर आदि गांवों में संक्रामक रोगों का फैलने की शंका बनी हुई है। कासिमपुर निवासी बृजमोहन पांडेय का कहना है कि खुले में कचरा डंप होने से इस मार्ग से गुजरने वाले छात्रों, मरीजों के साथ वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कासिमपुर निवासी नकुल यादव तथा फैजुउल्लाहपुर निवासी भूपेंद्र राय का नगर पालिका के जिम्मेदारों को पहले बाउंड्री बाल तथा कचरा निस्तारण प्लांट की व्यवस्था करना चाहिए था, इसके बाद यहां कचरा डंप किया जाना था। जिससे यह परेशानी न होती।