मऊ में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक बुद्धि सागर मिश्रा ने बुधवार को गैर इरादतन हत्या के मामले में नामजद सगे भाइयों सहित चार को दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद चारों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही पांच-पांच हजार रूपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना न देने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार सिसवा देवारा बलुआ का पूरा गांव निवासी चंद्रभान चौहान की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। इसमें देवारा दुबारी बब्बर का पूरा निवासी सिंहासन यादव, राजकुमार, ध्रुव यादव और चंद्रमा यादव को आरोपी बनाया।
वादी का कथन है कि वह जीआरपी गोरखपुर में कार्यरत है। 15 जून 2007 की सुबह सात बजे आरोपीगण ने लाठी-डंडे और गोली से मार कर उसके लड़के उदय नारायण की हत्या कर दी। पुलिस ने वादी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया।