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Mau News: तीन साल में चार हादसे, चार की मौत के बाद जागे जिम्मेदार

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मऊ। जिले में बीते तीन साल में चार हादसों में तीन मासूमों और एक किशोर की मौत ने जिला प्रशासन के साथ नगरीय जिम्मेदारों की निगरानी की पोल खोल दी। इसके बाद सालों की समस्या को दूर किया गया है।
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वर्तमान में अब भी ऐसी कई समस्याएं हैं जो बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं लेकिन शिकायतों के बाद भी जिम्मेदार बेखबर हैं। लापरवाही से हादसों पर नजर डालें तो दोहरीघाट में वंदन योजना के तहत रामघाट पर निर्माण कार्य बीते एक माह से अधिक समय बैरीकेडिंग किए बिना चल रहा था। लेकिन इसको लेकर कभी न तो ईओ द्वारा कार्यदायी संस्था से कोई पूछताछ की गई न ही नगर पंचायत अध्यक्ष ने।
नतीजा यह हुआ बीते 18 मार्च की शाम की शाम अपने दोस्तो के साथ यहां खेलने पहुंचे मंजीत (14) अपने तीन साथियों के साथ निर्माणाधीन पिलर के गड्ढे में गिर गया। हादसे में उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद अधिकारियों ने इस खामी को दूर कराया।
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वहीं बीते 29 दिसंबर 2024 में घोसी नगर पंचायत के बड़ागांव में घर के सामने गुजरे नाले पर पटिया न होेने से अभय राजभर (2.5) अपने घर के पास खेलते समय इस नाले में जा गिरा, जहां उसकी नाले में डूबने से मौत हो गई। जांच में पता चला कि जिस जगह पर मासूम नाले में गिरा वहां करीब 25 से 30 मीटर तक नाले पर पटिया नहीं लगी थी। जबकि इस पटिया को लगाने की मांग को लेकर कई बार स्थानीय निवासी शिकायत कर चुके थे।
पिता शिवकुमार ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए घोसी कोतवाली में ईओ और नगर पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ तहरीर दी थी।
जबकि 24 नवंबर 2021 में दोहरीघाट नगर पंचायत में स्टेशन रोड के पास मोहल्ला सम्लित में सुबह कन्हैया का इकलौता पुत्र (1.5) घर के बाहर खेलते समय नगर पंचायत द्वारा बनाए गए नाले में गिर गया। हादसे में उसकी मौत हो गई थी।
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