सजा के बिंदु पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने बृजेश सिंह को हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड, हत्या के षड्यंत्र में आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये अर्थदंड, मारपीट के मामले में एक वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड तथा आयुध अधिनियम में तीन वर्ष के कारावास और आठ हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड जमा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं रमेश सिंह और सुदर्शन सिंह को हत्या के षड्यंत्र के मामले में आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। साथ ही सुदर्शन सिंह को आरोपियों को शरण देने के मामले में पांच वर्ष के कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। अर्थदंड जमा न करने पर चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड जमा होने पर 75 प्रतिशत धनराशि मृतक रामकिशुन की माता एवं वादिनी को दी जाएगी। साथ ही रामू राजभर, मनीष सिंह, पीयूषकांत चौबे, रविकांत चौबे और सिद्धार्थ कुमार सिंह उर्फ रानू सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया। वहीं अभियुक्त धनंजय सिंह, छोटे सिंह उर्फ राघवेंद्र सिंह, अजय सिंह और रमापति राजभर की मृत्यु हो जाने के कारण उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी।