मऊ। गर्मी शुरू हो गई है, लेकिन जिले के विभिन्न गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया जा सका है। जिले में जल जीवन मिशन के तहत नौ ब्लॉक के 641 ग्राम पंचायतों में 532 परियोजनाओं से 1318 गांवों को शुद्ध पानी 2024 तक आपूर्ति कराना था। लेकिन अभी तक 414 गांवाें में शुद्ध पानी की आपूर्ति की जा सकी है। अब तक करीब 31 फीसदी ही कार्य पूरा हो सका है। जबकि वित्तीय वर्ष बीतने में आठ दिन ही शेष हैं।
जिले के कई गांवों में लगे ओवरहेड टैंक में तकनीकी खामी से जलापूर्ति बाधित है। इससे चलते प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। जिले की मधुबन, सदर, घोसी, मुहम्मदाबादगोहना तहसील के नौ ब्लॉक में जल जीवन मिशन योजना की शुरुआत 2019 में हुई थी। 2024 तक इस योजना का लाभ दिलाने का लक्ष्य था। योजना के तहत 641 ग्राम पंचायतों में 532 परियोजनाओं से 1318 राजस्व गांवों को शुद्ध पानी देना है।
योजना शुरू हुए पांच वर्ष भी 414 गांवों में ही जलापूर्ति की जा सकी है। जबकि 904 गांवों में अभी सूखा है। यहां लोग शुद्ध पानी से दूर हैं। जबकि योजना के तहत 2,24,629 घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष लगभग दो लाख 10 हजार घरों तक टोटी पहुंचा दी गई है।
अभी 536 परियोजनाओं में से मात्र 143 टैंक बन पाए हैं। 393 का निर्माण कार्य अधूरा है। 574 में से 563 जगहों पर बोरिंग का कार्य पूरा हो चुका है। 11 जगहों पर कार्य शुरू नहीं हो सका है। लगभग 15 स्थानों पर पंप हाउस ही नहीं बन पाए हैं। अधिकारियों की मानें तो 299 गांवों में पंप से सीधे आपूर्ति की जा रही है।
मुहम्मदाबादगोहना : जल जीवन मिशन के तहत ब्लॉक के 21 ग्राम पंचायत में ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें छह से अधिक गांवों में निर्माण कार्य पूर्ण भी हो चुका है। अन्य गांवों में ओवरहेड ट्रेक निर्माण के लिए जल निगम की तरफ से जमीन की तलाश की जा रही है।
कोपागंज: जल जीवन मिशन के तहत क्षेत्र के सोड़सर गांव में लगी पानी की टंकी शो पीस बनी है। गांव में बिछाई गई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। ऐसे में लोग प्रदूषित पानी पीने को विवश हैं।
जल जीवन मिशन योजना के तहत सभी गांवों में पेयजलापूर्ति करने का प्रयास जारी है। सभी कार्यदायी संस्थाओं को लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया है। समीक्षा में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। जितेंद्र नाथ, प्रभारी अधिशासी अभियंता, जल निगम मऊ