मऊ। जनपद के 10 निकायों में आठ ने ही अब तक कचरे के निस्तारण के लिए जमीन चिह्नित की है। जबकि पूर्व में एनजीटी (राष्टीय हरित प्राधिकरण) ने सर्वे कर सभी निकायों को वार्डों से निकलने वाला कचरे का निस्तारण के लिए अनिवार्य रूप से डंपिंग ग्राउंड बनाने का निर्देश दिया था। इसको गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन जिलाधिकारी ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी द्वारा पूर्व में निकायों को नोटिस भी जारी किया गया था।
बावजूद एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद केवल नगर पालिका मऊ तथा कोपागंज नगर पंचायत द्वारा डंपिंग ग्राउंड के लिए जमीन चिंहित की गई। इसमें केवल नगर पालिका मऊ द्वारा ही डंपिंग ग्राउंड के लिए चिहिन्त जमीन में कचरा डंप किया जा रहा है। जबकि कोपागंज द्वारा चिहिन्त जमीन के बजाए दूूसरे सार्वजनिक जगहों पर कचरा डंप किया जा रहा है। वहीं आठ निकायों द्वारा जमीन को चिंहित करने तक की कवायद नहीं की गई है। नगर पालिका द्वारा रैनी में शहर से निकलने वाले 120 मैट्रिक टन कूड़े के निस्तारण के लिए डंपिंग ग्राउंड बनाया गया। जहां सालिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाया जा रहा है।
फटकार के बाद भी नहीं खुली कुंभकर्णी नींद
- कोपागंज के चेरुईयां गांव में डंपिंग ग्राउंड जरूर चिंहित किया गया है। जबकि कस्बे में रेलवे लाइन और सड़क के किनारे ही डंप कर दिया जा रहा है। जिस कारण इन स्थानों पर गंदगी पसरी रहती है। स्थानीय लोगों में बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
- वलीदपुर नगर पंचायत से प्रतिदिन 10 टन कूड़ा वार्डों से निकलता है। लेकिन डंपिंग ग्राउंड के अभाव में कचरे का ढेर खाली स्थानों पर लगा दिया जा रहा है। कई स्थानों पर सड़क के किनारे ही कचरे को फेंक दिया जा रहा है। जिससे बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
- मुहम्मबाद गोहना नगर पंचायत के कुल 18 वार्डों से प्रतिदिन 50 टन कचरा निकलता है। कचरा डंपिंग के लिए कोई जगह चयनित नहीं किया गया है। जिस कारण नगर पंचायत द्वारा कचरे से तमसा नहीं के कानेरे तथा घोसी और मऊ मार्ग पर सड़क किनारे डंप किया जा रहा है। जिससे बदबू और गंदगी फैल रही है। जबकि अधिकारी जगह का रोना रो रहे हैं।
- मधुबन नगर पंचायत के सभी 15 वार्डों से पांच मैट्रिक टन कचरा निकलता है। नगर पंचायत के तीन सफाई पर्यवेक्षकों के निगरानी में 55 आउट सोर्सिंग सफाई कर्मचारी लगे हैं। डंपिंग ग्राउंड न होने के चलते नगर के ही अहिरौली बाइपास, खीरीकोठा गांव के मुख्य मार्ग पर कचरे को डंप किया जा रहा है।
- घोसी नगर पंचायत के कुल 18 वार्डों से निकलने वाले कचरे के निस्तारण के लिए कोई स्थान चिंहित नहीं किया गया है। जिस कारण कचरा खाली स्थानों या सड़क के किनारे डंप किया जा रहा है। ईओ विनीत कुमार का कहना है कि जमीन चिंहित करने की कावयद की जा रही है।
इस मामले में एडीएम भानु प्रताप सिंह ने कहा कि दो दिन पूर्व ही ज्वाइन किया हूं। सभी निकाय के अधिशासी अधिकारियों से जानकारी मांगी जाएगी। जिले में कचरा निस्तारण को लेकर जल्द से जल्द सभी निकायों में डंपिंग ग्राउंड की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।