मऊ। अप्रैल माह में ही मई-जून माह की तरह पड़ रही गर्मी के चलते उल्टी-दस्त समेत अन्य बीमारियों के रोगियों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। दिन प्रतिदिन बढ़ती गर्मी का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिख रहा है। जिला अस्पताल में आने वाले रोगियों की संख्या बढ़ गई है। इस समय गर्मी के चलते इन दिनों उल्टी-दस्त के रोगी बढ़े हैं।
जिला अस्पताल ही नहीं बल्कि जिले के दसों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों अलावा 44 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के साथ निजी अस्पतालों की ओपीडी में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है। अस्पताल में डिहाइड्रेशन से लेकर उल्टी, सिरदर्द, तेज बुखार, पेट दर्द, डायरिया की परेशानी लेकर मरीज पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी में ऐसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। इसमें से कुछ को इमरजेंसी में भी उपचार के लिए लाया जा रहा है। गर्मी के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में 10 से 15 फीसदी की वृद्धि हुई है। चिकित्सकों की माने तो उच्च तापमान बढ़ जाने पर खाद्य पदार्थ जल्दी दूषित हो जाते हैं। वहीं इस समय प्यास बुझाने के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले ज्यादा शीतल पेय पदार्थों के कारण गले में संक्रमण हो जाता है। वहीं तेज धूप में निकलने के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। जिला अस्पताल के डाक्टर अनिल कुमार का कहना है कि गर्मी सीजन में रोगियों की संख्या बढ़ती है, लेकिन इस बार गर्मी के तेवर अप्रैल में ही बहुत तेज हो गए हैं। बताया कि आने वाले मरीजों में 20 फीसदी उल्टी-दस्त के मरीज है। सुझाव देते हुए कहा कि गर्मी के साथ बीमारी से बचाव के लिए घर पर बने ओआरएस का प्रयोग करें। दूषित और बासी खान पान का सेवन से परहेज करें, तेज धूप में सिर ढंक कर निकलें और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनकर घर से बाहर निकलें।