मऊ। कई दिनों से बर्फीली हवा चलने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। धूप निकलने के बाद भी लोगों को ठिठुरते देखा जा रहा था। शीतलहर के बाद भी जिले के ग्रामीण इलाकों के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की व्यवस्था ही नहीं की जा सकी है। अलाव न जलने से लोग कांपते हुए देखे गए।
बर्फीली हवाओं के चलने से जनजीवन पर असर पड़ रहा है। शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा की स्थिति हो जा रही है। सुबह लगभग 11 बजे तक तेज धूप रही, लेकिन मध्याह्न बाद आकाश में हल्के बादल होने से धूप धीमी हो जाने से ठंड बढ़ गई। सोमवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस रहा। हवा छह किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही थी। जबकि आद्रता 73 प्रतिशत रही। बर्फीली हवा चलने से अधिकांश लोग पूरे दिन गर्म कपड़ों में लिपटे रहे।
सबसे बड़ी समस्या तो पशुपालकों के सामने खड़ी हो गई है। पशुओं को चारा खिलाने, चारा ले आने में तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को खेतों की सिंचाई करना भी समस्या बन गई है। जान जोखिम में डालकर लोग सिंचाई करने को विवश हैं। सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाने के लिए प्रशासन की तरफ से तहसीलों को 50-50 हजार का बजट जारी किया गया है। लेकिन कागज पर ही अलाव जलवाए जा रहे हैं। जिला प्रशासन की तरफ से गरीबों तथा असहायों को कंबल वितरित नहीं किया जा सका है। इससे गरीबों को एक-एक पल बिताना भारी पड़ रहा है। जिले में दो दर्जन से अधिक स्वयंसेवी संस्था हैं, लेकिन गरीबों को कंबल वितरित करने के मामले में उदासीन बनी हुई हैं।