फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्थानांतरण नीति के विरोध में लिपिकों ने किया कार्य बहिष्कार

विज्ञापन
विज्ञापन
मऊ यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के तत्वावधान में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने शासन की तरफ से स्थानांतरण नीति के विरोध में दो सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर मेें धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर्मचारी कार्य बहिष्कार कर नारेबाजी करते हुए मांगे नहीं मानी तो काम नहीं आदि का नारा लगाते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय पर एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया। धरने में संगठन के जिलाध्यक्ष बीएन राय ने कहा कि निर्धारित स्थानांतरण नीति के विपरित स्वास्थ्य विभाग के कुल 2817 लिपिक संवर्गीय कार्मिकों के सापेक्ष 1772 लिपिकों का समायोजन/स्थानांतरण सुदूर जनपदों में किया गया है, जो एकदम अनुचित है।
विज्ञापन

इसी क्रम में जिला मंत्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि निदेशक प्रशासन के इस मनमाने एवं स्वेच्छारितापूर्ण स्थानांतरण आदेश में महिला कार्मिको को भी अपने वर्तमान कार्यस्थल से 500 से 1000 किमी दूर स्थानों पर स्थानांतरित किया गया है। इसलिए मांगे जब तक नहीं मानी जाती है तब तक अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया जाएगा। बताया कि मांगे पूरी न होने तक 24 जुलाई तक सीएमओ कार्यालय पर धरना प्रदर्शन तथा कार्य बहिष्कार किया जाएगा। इसी क्रम में 26 जुलाई को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय स्वास्थ्य भवन लखनऊ का घेराव करेंगे। चेताया कि 26 जुलाई तक उनकी मांगे पूरी न होने की स्थिति में 27 जुलाई से प्रदेश के परिधिगत कार्यालयों में तैनात लिपिक वर्गीय कर्मचारी अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे।
धरने को अरूण कुमार राय, शशिकांत सिंह, धर्मेश कुमार राय, मनोज सिंह, अशोक कुमार मौर्या, निकहत सिद्दीकी, जानकी, साधना सिन्हा, मीरा कुमारी सिंह, गुंजन राय, प्रतिमा राय, सुनीता श्रीवास्तव, सपना यादव, शारदा पांडेय, मंजू गुप्ता, सविता देवी, अनुपम राय, राकेश रोशन, रविकांत यादव, संतलाल, मदन मोहन प्रसाद, कामेश्वर कुमार, विद्यासागर राम, विनोद कुमार, प्रेमचंद सोनकर आदि शामिल रहे। सरकार की स्थानांतरण नीति के विरोध में कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार करने से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने तथा क्षय उन्मूलन कार्यक्रम प्रभावित रहा। सोमवार को कई दिव्यांग हड़ताल की जानकारी न होने के चलते प्रमाण पत्र बनवाने के लिए परेशान होते रहे। उधर सीएमओ कार्यालय के 70 फीसदी से ज्यादा लिपिकों के स्थानांतरण के बाद हड़ताल पर चले जाने से चल रहे विभिन्न कार्यक्रम स्थगित हो गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें