मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ. कृष्ण प्रताप सिंह ने न्यायालय से जारी प्रासेस का तामिला न कराने पर पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर शहर कोतवाल के विरुद्ध विधिक कार्रवाई का आदेश दिया। साथ ही 23 फरवरी तक न्यायालय को अवगत कराने को कहा।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र है। पुलिस अधीक्षक को भेजे गए पत्र मे उल्लेख किया है कि न्यायालय में विचाराधीन फौजदारी मुकदमा सं. 163/2023 स्टेट बनाम सेराज अहमद शहर कोतवाली नगर का है।
मामले में अभियुक्त सिराज अहमद, कन्हैया लाल अग्रवाल, प्रेमचंद अग्रवाल, हीरालाल चौधरी एवं बजरंग शर्मा, की उपस्थिति के लिए विगत कई तिथियों से जमानती वारंट जारी किए गए थे। प्रभारी निरीक्षक ने निर्गत प्रोसेस का तामिला नहीं कराया और न ही अभियुक्तगण को समक्ष न्यायालय प्रस्तुत किया गया है।
प्रभारी निरीक्षक व्यक्तिगत रूप से समक्ष न्यायालय उपस्थित नहीं हुए, उनकी ओर से भ्रामक आख्या प्रस्तुत की गई है। प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली नगर के विरूद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करते हुए जरिए नोटिस तलब किया गया था।
नोटिस प्राप्त होने के बाद भी प्रभारी निरीक्षक उपरोक्त न्यायालय के समक्ष न तो उपस्थित हुए और न ही किसी प्रकार का कोई प्रार्थना पत्र ही प्रस्तुत किया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर द्वारा जानबूझ कर न्यायालय के आदेश की अवहेलना की जा रही है।
न्यायालय के आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने पर क्यों न उन्हें दंडित किया जाए। सीजेएम ने एसपी को भेजकर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के विरुद्ध विधि अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने का आदेश दिया।