फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मऊः बाहर से दवा न लिखने पर मेडिकल स्टोर संचालक ने चिकित्सक से की मारपीट, ओपीडी रजिस्टर भी फाड़ा

Wed, 11 Aug 2021 03:47 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, मऊ

सार

घटना से नाराज स्वास्थ्यकर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। इससे एक घंटे तक चिकित्सीय व्यवस्था ठप रही। घटना को लेकर सीएचसी परिसर में भगदड़ मच गई। उधर पीड़ित चिकित्सक ने इस मामले में आरोपी पिता-पुत्र के विरुद्ध कार्रवाई के लिए घोसी कोतवाली में तहरीर दी।
विज्ञापन
डॉ. एसके पंकज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मऊ जिले के घोसी सीएचसी में बुधवार को ओपीडी में मरीजों को देख रहे एक चिकित्सक पर दो लोगों ने बाहर से दवा न लिखने पर मारपीट कर ओपीडी  रजिस्टर फाड़ दिया। घटना से नाराज स्वास्थ्यकर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया। इससे एक घंटे तक चिकित्सीय व्यवस्था ठप रही। घटना को लेकर सीएचसी परिसर में भगदड़ मच गई।

विज्ञापन


उधर पीड़ित चिकित्सक ने इस मामले में आरोपी पिता-पुत्र के विरुद्ध कार्रवाई के लिए घोसी कोतवाली में तहरीर दी। वहीं इस मामले में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के जिलाध्यक्ष डॉ. एके रंजन ने 48 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पूरे जिले में ओपीडी बहिष्कार करेने की चेतावनी दी है। 

सौंपी तहरीर में डॉ. एसके पंकज ने बताया कि वह घोसी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मेडिकल ऑफीसर के पद पर तैनात हैं। बुधवार को वह रोजाना की भांति सुबह 11 बजे अपने कक्ष चार में मरीजों का उपचार कर रहे थे। आरोप लगाया कि घोसी कोतवाली के पिढवल निवासी तथा सीएचसी के उत्तरी गेट पर मेडिकल स्टोर संचालित करने वाले व्यक्ति का पुत्र उनके कक्ष में आया।
विज्ञापन


बाहर से दवा लिखने को लेकर बातचीत करने लगा। जब उन्होंने उसका विरोध किया तो युवक गालीगलौज पर उतर आया। कक्ष में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी तथा मरीजों के विरोध पर उसने युवक ने पिता को इसकी सूचना दी। कुछ देर बाद मेडिकल संचालक भी कक्ष में पहुंच गया और गालीगलौज करते हुए थप्पड़ जड़ दिया। ओपीडी  रजिस्टर को भी फाड़ दिया।

विज्ञापन

चिकित्सक ने आरोप लगाया कि इस दौरान मेडिकल संचालक ने असलहा दिखाते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं अचानक हुए इस मामले को लेकर सीएचसी में भगदड़ मच गई। मरीजों संग परिजन सीएचसी से बाहर निकल गए। इस घटना से आक्रोशित डाक्टरों तथा स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया।

करीब एक घंटे तक ओपीडी बंद रहने से आए मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। केंद्र प्रभारी डॉ. एसएन आर्या के समझाइस के बाद कर्मचारियों ने विरोध समाप्त करते हुए ओपीडी शुरू की। वहीं इस घटना को लेकर पीड़ित चिकित्सक ने घोसी कोतवाली में पिता-पुत्र को आरोपित करते हुए तहरीर दी। इस मामले में सीओ घोसी नरेश कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है, मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें