चिकित्सक ने आरोप लगाया कि इस दौरान मेडिकल संचालक ने असलहा दिखाते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं अचानक हुए इस मामले को लेकर सीएचसी में भगदड़ मच गई। मरीजों संग परिजन सीएचसी से बाहर निकल गए। इस घटना से आक्रोशित डाक्टरों तथा स्वास्थ्य कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया।
करीब एक घंटे तक ओपीडी बंद रहने से आए मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। केंद्र प्रभारी डॉ. एसएन आर्या के समझाइस के बाद कर्मचारियों ने विरोध समाप्त करते हुए ओपीडी शुरू की। वहीं इस घटना को लेकर पीड़ित चिकित्सक ने घोसी कोतवाली में पिता-पुत्र को आरोपित करते हुए तहरीर दी। इस मामले में सीओ घोसी नरेश कुमार का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है, मामले की जांच की जा रही है, जल्द ही आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।