मऊ। जनपद में ठंड बढ़ती जा रही है। रात में ठंड बढ़ने से मजदूरों, रिक्शा चालकों तथा असहायों को खुले आसमान में रात गुजारने से बचाने के लिए रैन बसेरा की समुचित व्यवस्था नहीं की जा रही है। हालांकि अमर उजाला में छह नवंबर के अंक में खबर प्रकाशित करने के बाद नगर पालिका प्रशासन सचेत हुआ है। लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि नगर पालिका ने जिला अस्पताल में रैन बसेरा तो बना दिया, लेकिन ताला खोलना भूल गया है।
नगरपालिका क्षेत्र में हर वर्ष अस्थायी रूप से रैन बसेरा का निर्माण कर लोगों को ठंड से बचने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाती है। नवंबर माह के अंतिम सप्ताह में भी अस्थायी रैन बसेरा बनाने को लेकर समुचित व्यवस्था नहीं हो सकी है। वर्तमान में जिला अस्पताल में रैन बसेरा तो बनाया गया, लेकिन उसका ताला नहीं खोला गया है। इतना ही नहीं रोडवेज परिसर में भी नगर पालिका द्वारा अस्थायी रैन बसेरा बनाया जाता है। लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। हालांकि हर सैड़कों यात्री रात्रि में भी यात्रा करते हैं। लेकिन उन्हें रात गुजारने के लिए या तो काफी पैसा खर्च कर होटल में रहना पड़ रहा है या खुले आसमान के नीचे रात गुजार रहे हैं।
नगर पालिका के ईओ दिनेश कुमार ने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र में तीन स्थानों पर ठंड को देखते हुए रैन बसेरा की व्यवस्था की जा रही है। जिला अस्पताल में रैन बसेरा बना दिया गया है। ब्रह्मस्थान और रोडवेज पर रैन बसेरा बनाने की कवायद की जा रही है। रिक्शा चालक और गरीब तबके के लोगों को रात में ठंड से बचाने के लिए रैन बसेरा में गद्दा, कंबल के साथ अलाव की व्यवस्था की जा रही है।