Mau News: रेफर की बात सुनकर महिलाएं बिलखने लगीं। गुहार लगाने के बावजूद अस्पतालकर्मियों ने एक न सुनी। यह देख जब परिजनों ने हंगामा कर दिया। कर्मचारियों को बुरा-भला बोलने लगे, तब जाकर मरीज की मरहम-पट्टी की गई।
मऊ के जिला अस्पताल में सोमवार को एक घायल के साथ स्वास्थ्यकर्मियों का अमानवीय व्यवहार देखने को मिला। जब अस्पताल में घायल को लाया गया तो आपातकाल में तैनात कर्मी शरीर से खून का रिसाव होने के बाद बिना प्राथमिक उपचार के ही उसे वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
विज्ञापन
घायल के परिजन द्वारा विरोध करने पर उन्ही कर्मियों ने घायल को एंबुलेंस से उतार मरहम पट्टी कर वाराणसी के लिए रेफर किया।
कोपागंज थाना क्षेत्र के कनियानीपुर गांव में धान की रोपाई से पहले खेत की जोताई के दौरान अंकित (20) पुत्र बिजेंद्र सिंह ट्रैक्टर में लगे रोटावेटर में फंस गया। तेज गति से चल रहे रोटावेटर में फंसने से कमर के नीचे का हिस्सा कई खंड होकर हो गया।
विज्ञापन
दोनों पैर से मांस के टुकड़े लटक गए थे। युवक के शरीर से खून का रिसाव बंद नहीं होने पर परिजन उसे आनन-फानन में जिला अस्पताल लेकर आए। जहां घायल का बिना ड्रेसिंग किए जिला अस्पताल के कर्मचारियों ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया।
घायल को एंबुलेंस में रख दिया गया। उसी दौरान घायल के साथ आई एक महिला ने उपचार नहीं जोर-जोर सो रोने लगी। कहा कि अस्पताल में उपचार की सुविधा होने के बाद भी मरहम-पट्टी तक नहीं की गई।
महिला के रोने के बाद आपातकाल के बाहर गेट के पास ही स्वास्थ्य कर्मियों ने दोबारा घायल को एंबुलेंस से नीचे उतारकर ड्रेसिंग करने के बाद घायल को वाराणसी के लिए भेजा।
बोले अधिकारी
मामले की जानकारी है, युवक की हालत काफी गंभीर थी। प्राथमिक उपचार के बाद घायल को वाराणसी के लिए रेफर किया गया है। लापरवाही को लेकर पूछताछ होगी। - डा. धनंजय कुमार, सीएमएस जिला अस्पताल