उसका शव जिला अस्पताल में रखा गया है। परिवार वाले भागे-भागे मऊ आए। यह उसके द्वारा फंदा लगाने की बात बताई गई। परिजनों का आरोप था कि उन्हें लाश शाम साढ़े चार बजे दिखाई गई। मृतक के पिता और बड़े भाई ने आरोप लगाया कि किशोर की मौत साजिश का हिस्सा है।
मृतक के पिता ने बलिया और मऊ के जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र देकर मजिस्ट्रीयल जांच की मांग की है। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि उसके द्वारा फंदा लगाने के बाबत कोतवाली पुलिस की ओर से दिए गए बयान विरोधाभासी रहे।
मोबाइल पर रात पौने नौ बजे हुई बातचीत में वह सामान्य लग रहा था सीओ सिटी धनंजय मिश्र ने बताया कि परिवार वाले खुद ही काफी देरी से यहां पहुंचे थे। साजिश का आरोप निराधार है। जिला प्रोबेशन अधिकारी समर बहादुर का कहना है कि इस मामले में किसी तरह की कोई बात छिपाई नहीं गई है। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है।