प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश बुद्धिसागर मिश्रा की अदालत ने हत्या और फर्जी अंक पत्र के आधार पर नौकरी करने के अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों की जमानत अर्जी को नामंजूर कर दिया। प्रभारी जिला जज ने बचाव पक्ष और प्रभारी डीजीसी फौजदारी मणि बहादुर सिंह के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जमानत अर्जी को खारिज किया।
हत्या का मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार मधुबन थाना क्षेत्र के कुंवर पुरवा गांव निवासी वादी मुकदमा राजेश शुक्ला की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसकी सास गीता देवी की शहर कोतवाली क्षेत्र के शिव नगर कॉलोनी में रहती थी। पांच जुलाई को गीता देवी की हत्या कर शव को बॉक्स में रखकर कमरे में ताला बंद कर दिया गया। साथ ही उनका सामान लूट लिया। मामले में आरोपी कोपागंज थाना क्षेत्र के पतीला जमीन गांव निवासी श्री प्रकाश मौर्य पुत्र जयनाथ मौर्य की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया। दूसरा मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार खंड शिक्षा अधिकारी रानीपुर संजीव कुमार सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। आरोप है कि कंचन मौर्य पुत्री अंबिका मौर्य बीए का फर्जी अंकपत्र लगाकर सहायक अध्यापक के पद पर तैनात रही है, जो छपरा रानीपुर में कार्यरत है। मामले में आरोपी कंचन मौर्य की ओर सेेे जमानत के लिए अर्जी दी गई जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया।