जब वह घर से अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट लेकर गईं तो चिकित्सक ने कहा कि इसके पेट में बच्चा था ही नहीं। इससे नाराज परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए चिकित्सक पर बच्चा चोरी का आरोप लगाया। इसके बाद शनिवार सुबह नौ बजे परिवार वाले और अन्य लोग थाने पहुंचे तथा डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग करते हुए बच्चा वापस कराने की मांग की।
इसके बाद महिलाओं ने दोपहर करीब एक बजे पुलिस पर मामले की लीपापोती का आरोप लगाकर थाने के समीप जाम लगा दिया। थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने समझा-बुझाकर आधे घंटे में जाम समाप्त कराया। थानाध्यक्ष का कहना है कि डॉक्टर के अनुसार महिला के पेट में बच्चा था ही नहीं। उसकी अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट देखी गई। दो रिपोर्ट में नो प्रेग्नेंसी लिखी है।
पुलिस ने सीएचसी के अधीक्षक डा. फैजान को थाने में बुलाकर महिला की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट दिखाई। उन्होंने भी महिला के गर्भवती न होने की पुष्टि की। पुलिस ने आरोपी चिकित्सक को थाने में बुलाकर पूछताछ की। डॉक्टर ने बताया कि उसने आपरेशन नहीं किया है, बल्कि अत्यधिक ब्लीडिंग के कारण सफाई की गई है। एसओ ने बताया कि महिला के परिवार वाले डॉक्टर के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने को तैयार नहीं हुए और बाहर ही समझौता कर लिया।