मऊ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को यूपी बोर्ड, सीबीएसई से संबद्ध जिले के विभिन्न स्कूलों के प्रबंध तंत्र द्वारा 10वीं तथा 12वीं बोर्ड परीक्षा में मनमाने ढंग से नंबर देने के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन किया। इस मामले में उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि यूपी बोर्ड, सीबीएसई सहित विभिन्न बोर्डों से संबद्ध जिले के विभिन्न कॉलेजों में अध्ययनरत मेधावी छात्र-छात्राओं को क्षमता से कम अंक दिया गया है। विद्यालय के कमजोर छात्र-छात्राओं को सुविधा शुल्क लेकर टॉप कराया गया है। विद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को उम्मीद से कम अंक देकर उनकी प्रतिभा के साथ खिलवाड़ किया गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस बारे में कई बार विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया गया, लेकिन आला अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। शिक्षा माफिया बिना मान्यता के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की कक्षाएं चला रहे हैं अभिभावकों को अंधेरे में रखकर दूसरे विद्यालय से फॉर्म भरवा कर विद्यार्थियों का आर्थिक और शैक्षिक शोषण कर रहे हैं। इस पूरे फर्जीवाड़े की उच्चस्तरीय जांच कराया जाए। विद्यालयों की जांच नहीं कराई गई तो हम लोग आंदोलन तेज करने को बाध्य हो जाएंगे। इस अवसर पर संगठन के जिला संयोजक सुधांशु, जिला संगठन मंत्री अनूप कुमार, ओंकार सिंह, शुभम गुप्ता आदि शामिल रहे।
इंदारा संवाददाता के अनुसार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को यूपी बोर्ड से संबद्ध नेशनल इंटर कालेज इंदारा कैंपस में धरना प्रदर्शन किया। धरना प्रदर्शन कर रहे सभी विद्यार्थियों और परिषद के कार्यकर्ताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा परीक्षा के मद्देनजर धरना प्रदर्शन समाप्त करने के लिए सभी कार्यकर्ताओ को धमकाया। कार्यकर्ताओं के आंदोलन की खबर मिलने पर सीओ सिटी पहुंच गए।उन्होंने समझा बुझाकर मामले को शांत कराया।