दुबारी। सरयू नदी का जलस्तर रविवार को स्थिर रहने के बाद भी देवारा क्षेत्र के लगभग 36 गांव में बाढ़ के पानी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। ऐसे में आसपास के अन्य गांवों से संपर्क कट गया है। हजारों एकड़ फसल नष्ट होने से पशुओं के लिए चारे का संकट उत्पन्न हो गया है। प्रशासन की तरफ से पर्याप्त नाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
नदी के उग्र तेवर देख तटवर्ती इलाके के लोगों को नुकसान की चिंता सताने लगी है। मधुबन तहसील के हाहा नाला पर रविवार को नदी का जलस्तर 66.10 मीटर रहा। शनिवार को भी नदी का जलस्तर 66.10 मीटर रहा। जबकि जबकि खतरा निशान 66.31 मीटर है। सरयू नदी में उफान आने के चलते मधुबन तहसील क्षेत्र के देवारा इलाके के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। रविवार को नदी स्थिर होने के बाद भी संपर्क मार्गों पर पानी जमा होने से आने जाने में लोगों को तमाम दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। क्षेत्र के बिंदटोलिया, नयी बस्ती, जरलहवा, हाता, टाड़ी, खैरा, पब्बर का पूरा, हरिलाल का पुरा, बईरकंटा, बिशुन पुर,सुन्नर का पूरा ,चक्की मूसाडोही, लौवासाथ, अहिरुपुर, बैरियाडीह, बरोहा, भगत का पुरा मनमन का पूरा, धूस का पूरा आदि गांव टापू बन गए हैं। संपर्क मार्गों पर जलजमाव रहने से आनाजाना मुश्किल हो रहा है। बिंदटोलिया सहित आसपास के क्षेत्रों में कटान जारी रहने से गांवों के अस्तित्व पर खतरा उत्पन्न हो गया है। बाजरा, धान, मक्का, गन्ना सहित हजारों एकड़ फसलें जलमग्न होकर नष्ट हो चुकी है। बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि संपर्क मार्ग डूब जाने से आना जाना मुश्किल हो गया है। लेकिन न तो प्रशासनिक अधिकारी और न ही विभागीय अधिकारी सुधि ले रहे हैं।