मऊ। कोरोना संक्रमण काल में जिले के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छठवीं से 12वीं कक्षा के छात्र छात्राओं की ऑनलाइन कक्षाएं संचालित हो रही हैं। लेकिन अभी तक 80 प्रतिशत छात्र ही ऑनलाइन शिक्षा से जुड़ सके हैं। इसका कारण ग्रामीणांचल में नेटवर्क, बिजली आपूर्ति की बेहतर व्यवस्था न होना है। इसके चलते छात्र आनलाइन शिक्षा से वंचित हो जा रहे हैं।
जिले में 67 सहायता प्राप्त, 14 राजकीय सहित 517 माध्यमिक विद्यालयों में 1.97 लाख बच्चे अध्यनरत हैं। कोरोना संक्रमण के चलते माध्यमिक विद्यालयों में ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। एक जुलाई से विद्यालय खुल रहे हैं, लेकिन शिक्षक ही विद्यालय आकर ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करने के साथ ही एडमिशन प्रक्रिया सहित प्रशासनिक कार्य कर रहे हैं। छठवीं से 12वीं तक के छात्र छात्राओं की ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है। प्रत्येक विद्यालय का व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। इसके साथ ही व्हाट्सएप, गुगल ई क्लासेज, स्वयंप्रभा चैनल से पढ़ाई हो रही है। विद्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप से छात्र छात्राओं के अभिभावकों को जोड़ा गया है।
शिक्षक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं। विभाग की तरफ आनलाइन मानीटरिंग की जिम्मेदारी जिला समन्वयक चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव को दी गई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत छात्र ही आनलाइन शिक्षा से जुड़ पाए हैं। इसके अलावा छात्र टीवी से भी पढ़ाई कर रहे हैं। अभिभावकों के अनुसार आनलाइन पढ़ाई के दौरान अनियमित बिजली आपूर्ति तथा नेटवर्क गायब रहने से छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित हो जा रहे हैं।
इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद का कहना है कि आनलाइन पढ़ाई चल रही है। 80 प्रतिशत छात्र ऑनलाइन पढ़ाई से जुड़ चुके हैं। शत प्रतिशत छात्र छात्राओं को ऑनलाइन से जोड़ने का प्रयास जारी है। ऑनलाइन शिक्षा की मानीटरिंग की जा रही है।