मऊ। पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जिले के सभी डिग्री कॉलेज 15 जून से आजमगढ़ विश्वविद्यालय से जुड़ जाएंगे। शासन की तरफ से नोटिफिकेशन जारी किया जा चुका है। विश्वविद्यालय नजदीक होने से छात्र छात्राओं, प्राध्यापकों सहित कॉलेज प्रबंधन को काफी सहुलियत मिलेगी। वार्षिक परीक्षा में नकल पर अंकुश लगने के साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता की बेहतर तरीके से मानीटरिंग होने की संभावना प्रबल हो गई है।
जिले में 195 डिग्री कॉलेजों में लगभग 91 लाख छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं। नए निर्देश के तहत जिले के समस्त महाविद्यालय 15 जून से आजमगढ़ विश्वविद्यालय से जुड़ जाएंगे। इन महाविद्यालयों में प्रथम वर्ष की पढ़ाई आजमगढ़ विश्वविद्यालय के अनरूप होगी, लेकिन द्वितीय तथा तृतीय वर्ष में पूर्वांचल विश्वविद्यालय के अनुसार की पढ़ाई फिलहाल चलती रहेगी। धीरे-धीरे इन कक्षाओं की संबद्धता भी पूर्वांचल विश्वविद्यालय से समाप्त हो जाएगी। नए विश्वविद्यालय से जुड़ने से जिले में उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार होने की संभावना प्रबल हो गई है।
इस संबंध में मर्यादा पुरुषोत्तम पीजी कालेज के प्राचार्य डॉ. आरएन मिश्र का कहना है कि आजमगढ़ विश्वविद्यालय खुलने से जिले के शिक्षण संस्थानों का विकास होगा। जिले से नजदीक होने से प्राध्यापकों तथा छात्रों की समस्या का त्वरित समाधान होगा। समय-समय पर प्राध्यापकों को मिलने वाले प्रोन्नति मेें सुविधा होगी।
डीसीएसके पीजी कालेज के अर्थशास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सीपी राय का कहना है कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय काफी दूर होने से समस्याओं का समाधान होने में काफी समय लग जाता था। अब विश्वविद्यालय नजदीक होने से छात्रों, प्राध्यापकों, कालेज प्रबंधन की समस्या का त्वरित समाधान हो सकता है। शैक्षिक गुणवत्ता की बेहतर तरीके से मानीटरिंग हो सकेगी।
वहीं, राजकीय महिला महाविद्यालय के संस्कृत के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अवनींद्र पांडेय का कहना था कि आजमगढ़ विश्वविद्यालय से मात्र दो जिले के जुड़ने से शैक्षिक गुणवत्ता की मानीटरिंग बेहतर तरीके से हो सकेगी। वार्षिक परीक्षा में नकल पर लगाम लग सकती है। इस बाबत क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. ज्ञान प्रकाश वर्मा का कहना है कि 15 जून से मऊ आजमगढ़ के कालेज आजमगढ़ विश्वविद्यालय से जुड़ जाएंगे।