मऊ। जिले में हुई भारी बारिश तथा सरयू और तमसा में आई बाढ़ से प्रभावित हजारों किसानों को शीघ्र ही राहत मिलेगी। शासन ने 18 हजार ऐसे किसानों को चिह्नित किया है जिनकी कृषि उपज बाढ़ अथवा भारी बारिश के चलते खराब हुई है। शासन से छह करोड़ रुपया का बजट भी जारी कर दिया गया है। फसल क्षति आकलन चल रहा है। फीडिंग प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही किसानों के खाते में धनराशि भेजी जाएगी।
जिले में लगभग 90 हजार हेक्टेयर में धान की बुआई की गई है। इसके अलावा बाजरा, मूंगफली, सब्जी सहित विभिन्न फसलों की खेती की गई है। सरयू, तमसा नदी में आए उफान तथा भारी बारिश से घोसी, मधुबन, सदर सहित विभिन्न ब्लाक क्षेत्रों में हजारों एकड़ फसलों फसलों के जलमग्न होकर नष्ट हो गई है। सरयू नदी में एक बार फिर उफान आने से बची खुची फसल जलमग्न होने से फसल खराब होने के कगार पर है।
रतनपुरा ब्लाक क्षेत्र के 50 गांवों में अभी भी फसलों में पानी जमा है। किसानों को रबी फसल की बुआई पिछड़ने की चिंता किसानों को सताने लगी है। किसानों की मांग पर कृषि तथा राजस्व विभाग, प्रधानमंत्री फसल बीमा कंपनी की तरफ से फसल क्षति का आकलन किया जा रहा है।
अपर जिलाधिकारी बीपी सिंह ने कहा कि बाढ़ तथा बारिश से प्रभावित 18 हजार किसानों को चिंहित किया जा चुका है। शासन से बजट जारी हो चुका है। फसल क्षति का आकलन चल रहा है। फीडिंग प्रक्रिया चल रही है। प्रक्रिया पूरी होते ही किसानों के खाते में धन भेज दिया जाएगा।