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गुणा गणित में जुटे राजनीतिक दल

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महीनों से चुनाव जीतने की कवायद में रहे राजनीतिक दलों के नेताओं के लिए वैैसे तो आराम करने का दिन था लेकिन कुछ प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की चुनावी जिज्ञासा ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया। प्रत्याशी और उनके समर्थक सोमवार को मतदान के बूथवार आंकड़े जुटाने में लगे रहे। कई प्रत्याशी और उनके समर्थक अपनी अपनी जीत के दावे कर रहे थे।
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घोसी लोकसभा चुनाव में गठबंधन, भाजपा , कांग्रेस, भाकपा, सुभासपा, पीस पार्टी सहित कुल 15 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया। लगातार चुनाव प्रचार, जनसपंर्क,, सरकारी दफ्तरों की खानापूरी करके समर्थक काफी थक गए थे। रविवार की दूर रात तक ईवीएम कृषि मंडी परिसर में बने कंट्रोलरूम में जमा किए जाते रहे। उस समय तक प्रत्याशियों के समर्थक और अभिकर्ता कंटोलरूम पर जमे रहे। सोमवार को प्रत्याशी बूथवार मतदान के आंकड़े देखकर अपने हिस्से में आने वाले मतों की संख्या जोड़ने में लग गए। किसी बूथ पर कितना प्रतिशत मत पड़े ये मत किस जाति के हैं और किसे मिले होंगे। इसी चर्चा और गुणा गणित करने में इनका सारा दिन बीत गया। अपनी पार्टी की जीत का दावा करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गविजय राय कहते हैं कि भाजपा प्रत्याशी की जीत कम से कम एक लाख मतों से होगी। उधर गठबंधन प्रत्याशी के प्रस्तावक धर्मप्रकाश यादव का दावा है कि गठबंधन के प्रत्याशी की जीत पक्की है। इनकी जीत कम से कम डेढ़ लाख मतों से चुनाव जीतेंगे। इनके अलावा कई और प्रत्याशी भी अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। वैसे भी अब केवल दो दिन बाकी हैं। 23 मई को मतगणना के बाद मतदाताओं का निर्णय सामने आ जाएगी।
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