ईद के मद्देनजर बाजार गुलजार हो गए हैं। तरावीह से फारिग होकर अब लोगों ने बाजार का रुख कर लिया है। देर शाम तक बाजार में गहमागहमी हो रही है। कपड़ों से लेकर सेवईयों की दुकानों पर लोग खरीदारी के लिए पहुंचने लगे हैं। उधर, ग्रामीण इलाकों में भी तैयारियां शुरू हो गई हैं। ईदगाहों और मस्जिद में साफ सफाई तथा नमाज के इंतजामात में कमेटियां जुट गई हैं।
नगर के रौजा, बाटा, मलिक ताहिरपुरा, घास बाजार में कपड़ों की दुकानें तथा फुटपाथों पर भी दुकानें सज गई हैं। तरह-तरह के जूतियां, चप्पलें, रंग बिरंगी, ओढनी, नकाब व खान-पान की वस्तुएं से बाजार भरे हैं। बाजार में सर्वाधिक भीड़ शाम को देखी जा रही है। देर रात तक खरीदारी का दौर चल रहा है। मेहमानों के लिए कालीन, टी सेट, ईत्र व सेंट की खरीदारी भी तेज है। बच्चे अपने मनपसंद के लिए चीजों को खरीदने के लिए लोग उतावले नजर आ रहे थे। लेकिन महंगाई से रमजान महीने में मध्यम वर्ग के लोगों को सोच समझ कर खरीदारी करनी पड़ रही है।
शिक्षक नसीरुद्दीन का कहना था कि पर्व के मद्देनजर ईद की तैयारी चल रही है। महंगाई तो है, लेकिन पर्व के मद्देनजर खरीद तो करना ही है। शकील अहमद का कहना था कि महंगाई के चलते मुश्किल हो रही है। लोगों की बाजारों में भीड़ तो है लेकिन उनकी क्रय शक्ति कम हो गई है। इरशाद अहमद का कहना है कि ईंद की तैयारी में लगा हूं। घर पर मेहमानों के आने के इंतजाम में लगे हैं। अभी बेडशीट, कालीन खरीदनी है। घर पर पकवानों के लिए बाजार से सामान खरीदने हैं।
उधर ग्रामीण इलाकों मझवारा, मधुबन, दोहरीघाट, पिपरीडीह, घोसी, वलीदपुर, रतनपुरा, मुहम्मदाबाद गोहना, कोपागंज, चिरैयाकोट मेें भी बाजारों में लोग खरीदारी करने लगे हैं। ईदगाहों और मस्जिदों की कमेटियां भी ईद की नमाज की तैयारियों में जुट गई हैं।