मऊ। जिले में टीबी के मरीजों की संख्या में कमी आती नहीं दिख रही है। इस वर्ष अक्तूबर माह तक 40 नए मरीज मिल चुके है। सकारात्मक बात है कि यह संख्या कोरोना संक्रमण के बीते वर्ष के सापेक्ष 60 फीसदी कम है। इस वर्ष मिले नए मरीज तीन दस्तक अभियान के दौरान मिले है। वर्तमान में जिले में तीन हजार से ज्यादा सक्रिय टीबी मरीज है, जिनका उपचार सरकारी अस्पतालों के साथ प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसपी अग्रवाल ने बताया कि टीबी के रोकथाम के लिए सरकार द्वारा विभिन्न उपाय किए जा रहे हैं। बताया कि कोरोना संक्रमण काल के दौरान नये टीबी मरीजों की पहचान के लिए दस्तक अभियान चलाया गया। यह अभियान जुलाई, सितंबर तथा अक्तूबर माह में चलाया गया। जिसमें 392 संदिग्धों की बलगम तथा एक्सरे जांच में 40 नए मरीज की पुष्टि हुई। बीते वर्ष सक्रिय टीबी खोज अभियान के तहत 1597 संदिग्धों की बलगम तथा एक्सरे जांच में 102 नए मरीज मिले थे।
वहीं वर्ष 2019 में नए मरीजों की संख्या 187 जबकि 2018 में 278 मरीजों की थी। बोले कि वर्तमान में नए मरीजों को मिलाकर कुल मरीजों की संख्या 3,006 है। इसमें 2006 मरीज सरकारी तथा एक हजार मरीज निजी डॉक्टरों के यहां उपचार करा रहे हैं। बताया कि टीबी की जांच और रोकथाम के लिए जिला मुख्यालय पर टीबी क्लीनिक के अलावा सभी नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सेंटर बनाए गए हैं। इन केंद्रों में जांच के बाद मरीज के टीबी से ग्रसित मरीज को पहचान होते ही उपचार शुरू किया जाता है।
घर जाकर टीबी मरीजों को दें दवाएं
मऊ। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एसपी अग्रवाल ने बताया कि कोरोना संक्रमण में टीबी मरीज जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। उनके संक्रमण में आने की ज्यादा संभावना बनी रहती है।इसको देखते हुए कोरोना की पहली तथा दूसरी लहर के दौरान दस सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर टीम आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से जिले के नौ ब्लाकों में रहने वाले टीबी मरीजों के घर पर पहुंचकर उन्हें दवाइयां उपलब्ध कराने के साथ उनके स्वास्थ्य पर मानीटरिंग करती रही।