कोपागंज। इंदरा राजवाहा से जुड़े कुलाबों में पानी दो दिन आकर बंद हो गया है। दो दिन तक पानी आने से नहर के किनारे स्थित किसान अपने गेहू की फसल की सिचाई तो कर चुके है लेकिन बहुत से किसान खेतो की सिचाई करने से वंचित है।कुलाबो में पानी न आने से सिचाईके अभाव में किसानों की बोई गई गेहू की फसले बर्बाद हो रही है। किसानों द्वारा दोबारा पानी छोड़ने को लेकर कईबार जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक मुख्यालय तक शिकायत की।बावजूद इसके शिकायतों की दरकिनार कर पानी नहीं छोड़ा गया। किसानों ने चेताया की अगरएक हफ्ते के अंदर विभाग द्वारा कुलाबो में पानी नहीं छोड़ा गया तो सडको पर उतर करप्रदर्शन व आंदोलन करेंगे।
कोपागंज विकास खंड क्षेत्र के भदसामानोपुर, सेंदुराईच, पारा मुबारकपुर, कनियारीपुर, भेलाबांध, फिरोजपुर, लैरोदोनवार, हसनपुर, चेरूईयां, माफ़ी लाडनपुर, कोपाकोहना, जयरामगढ़ सहीत दर्जनों गांव में स्थित कुलाबों में इंदरा राजवाहा 32 माइनर से विभाग द्वारा पानी केवल दो दिन छोड़कर बंद कर दिया गया, जिसके कारण कुलाबों से सटे किसानों द्वारा बोई गई गेंहू की फसलें पानी की आभाव मेंसिंचाई न होने से बर्बाद हो रही है। किसान अपने फसलों को पानी की आभाव में बर्बादहोता देख काफी परेशान है। क्षेत्र के किसान संजय सिंह पल्लन यादव विक्रमा यादव वीरेंद्र यादव , तहसीलदार सिंह, जयमंगल, राजदेव, सुरेश, मोती, प्यारेलाल, चंद्रभान, अनुराग, सतीश, जयवर्धन, जयनाथ, सतेंद्र आदि किसानों का कहना है, किसी तरह व्यवस्था कर अपने खेतों की बोई,जोताई की गई। अब पानी के लिए फसलें सिंचाईके आभाव में बर्बाद हो रही है। किसानों का कहना है की मात्र दो दिनों तक पानी छोड़ा गया, जिसका लाभ केवल नहर के बगल में स्थित किसान ही उठा पाए है। अभी सैकड़ों एकड़ गेंहू के फसल की सिंचाई बाकि है, तभी अचानक पानी बंद कर दिया गया। कई बार दोबारा पानी छोड़े जाने केबाबत जिला मुख्यालय से लेकर विभाग तक शिकायत किया गया बावजूद पानी नहीं छोड़ा गया। अगर एक हफ्ते के अंदर विभाग द्वारा कुलाबों में पानी नहीं छोड़ा गया, तो सडको परउतर कर प्रदर्शन व आंदोलन करेंगे।