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ब्रज रज उत्सव: हुनर हाट में कैलाश खेर के गीतों पर जमकर थिरके युवा, देर रात तक जुटी रही भीड़

Wed, 17 Nov 2021 12:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

वृंदावन के यमुना पुलिन स्थित कुंभ मेला स्थल पर बसे हुनर हाट की सांस्कृतिक संध्या में कैलाश खेर ने अपनी आवाज का ऐसा जादू चलाया कि ठंड में भी श्रोता देर रात तक गीतों का लुत्फ उठाते रहे।
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गायक कैलाश खेर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मथुरा के वृंदावन में चल रही ब्रज रज उत्सव में प्रख्यात बॉलीवुड गायक कैलाश खेर ने जब तेरी दीवानी दीवानी... गीत सुनाया तो मौजूद श्रोता झूम उठे और तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। वृंदावन के यमुना पुलिन स्थित कुंभ मेला स्थल पर बसे हुनर हाट की सांस्कृतिक संध्या में कैलाश खेर ने अपनी आवाज का ऐसा जादू चलाया कि ठंड में भी श्रोता देर रात तक गीतों का लुत्फ उठाते रहे।

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मंगलवार की शाम 8 बजे कैलाश खेर जब ब्रज रज उत्सव के हुनर हाट के मंच पर पहुंचे तो तालियों की गड़गड़ाहट ने उनका जोशीला स्वागत किया। लोगों की भीड़ उनकी एक झलक देखने को जितनी आतुर थी, उससे ज्यादा उनके सूफी गानों को सुनने के लिए। कैलाश ने मंच पर आते ही सबसे पहले पिया मिलन की आस... गाना सुनाया तो लोग झूमने को मजबूर हो गए।

दो घंटे तक दी प्रस्तुति 
इसके बाद उन्होंने मैं तेरे प्यार में दीवाना हो गया, आहो जी, तौबा तौबा रे तेरी सूरत, कैसे बताएं तुझको, हो पिया हो पिया रंग दिनीं रंग दिनीं गाना गाकर लोगों का मनोरंजन किया। इसके बाद जब कैलाश ने बाहुबली फ़िल्म का गाना कौन है वो कहां से आया सुनाया तो पंडाल शोर से गूंज उठा। उनके इस गाने पर लोग झूमे और मंच पर जमकर ठुमके लगाए। कैलाश खेर दो घंटे तक मंच पर रहे।
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इस दौरान दर्शक उनके हर गाने पर नाचते नजर आए। इस अवसर पर सांसद हेमा मालिनी, ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्रा, एसएसपी डॉ.गौरव ग्रोवर, एमवीडीए के ओएसडी क्रांति शेखर थे।

कैलाश खेर ने किया म्यूजिक एकेडमी का शुभारंभ
पत्रकारों से वार्ता करते हुए कैलाश खेर ने बताया कि मंगलवार का दिन उनके लिए हमेशा खास रहेगा। मंगलवार से ही उन्होंने अपने गुरु,माता- पिता का आशीर्वाद लिया, यह हमारे लिए बहुत बड़ा दिन है। उन्होंने बताया कि कभी ऐसा भी समय था, जब खाने के लाले थे। आज कुछ सालों की मेहनत के बाद भगवान ने प्रकल्प शुरू कराया जिसका नाम कैलाश खेर एकेडमी फ़ॉर लर्निंग आर्ट जिसका शार्ट नाम कला इन है। उन्होंने बताया कि जब-जब ऐसे तीर्थ खंडों पर परमात्मा हमारी हाजिरी लगाते हैं, शिव की अलख जगती है और भगवान का स्मरण होता है।

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