वृंदावन में श्री बांकेबिहारी मंदिर के सेवायत गोस्वामी परिवार की महिलाओं ने मंदिर के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। उनका गुस्सा बांकबिहारी मंदिर हाईपावर्ड कमेटी पर फूटा। उन्होंने नारेजाबी करते हुए कहा कि कमेटी के गठन होने पर व्यवस्था में सुधार की बड़ी उम्मीद थी, लेकिन यहां उसके उलट जो पुरानी परंपराएं और सेवायत गोस्वामी और उनके परिवार के अधिकार थे, उन्हें छीना जा रहा है। जबकि भीड़ प्रबंधन, सफाई व्यवस्था में किसी तरह का सुधार नहीं हुआ है।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर के पट दोपहर में बंद होते ही गोस्वामी समाज की महिलाएं मंदिर के गेट एक पर पहुंची। यहां उन्होंने कमेटी के द्वारा अभी तक आए आदेश के प्रति विरोध जताया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान गोस्वामी समाज की महिला श्यामा गोस्वामी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर करने एवं भीड़ प्रबंधन के लिए हाईपावर्ड कमेटी का गठन हुआ तो उम्मीद थी कि यह गोस्वामी समाज के साथ मिलकर व्यवस्था में सुधार करेगी। भीड़ प्रबंधन होगा। श्रद्धालुओं को सहज ठाकुरजी के दर्शन होंगे, लेकिन न तो भीड़ प्रबंधन पर कार्य हुआ और न ही मंदिर की सफाई व्यवस्था और आवश्यक सुधार हो सके।
महिलाओं ने कहा कि जो पुरानी परंपराएं चली आ रही हैं, उन पर चोट की जा रही है। पूजा गोस्वामी ने कहा कि कमेटी के पदाधिकारी मंदिर के लिए श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान से अपना वेतन एवं आवास, गाड़ी की सुविधा पर खर्च कर सकते हैं, लेकिन उस धन का उपयोग ठाकुरजी के भोग के लिए नहीं किया जाएगा। समाज की महिलाएं अपने आराध्य के दर्शन जगमोहन में से कर लेती थीं, कमेटी ने उस पर भी पाबंदी लगा दी है। समाज की महिलाओं का समीप से दर्शन का अधिकार भी छीना लिया है। समिति के ऐसे आदेशों का विरोध जारी रहेगा।
प्रदर्शन करने वालों में सुनीता गोस्वामी, अनुराधा गोस्वामी, नीलम गोस्वामी, श्यामा गोस्वामी, रेनू गोस्वामी, मनोरमा गोस्वामी, संतोष गोस्वामी, सुनीता गोस्वामी, मनीषा, पूजा, आदिति, मोना गोस्वामी, गीत गोस्वामी, संध्या गोस्वामी, ममता गोस्वामी आदि मौजूद रहीं।