फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब-जब इस पावन भूमि पर आऊं तो संतों का सानिध्य मिले-योगी आदित्यनाथ

विज्ञापन
विज्ञापन
वृंदावन (मथुरा)। तीर्थनगरी वृंदावन में ब्रज रज महोत्सव का उद्घाटन करने से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रज के संतों के साथ भोजन किया। पवनहंस हेलीपैड पर उतरने के बाद मुख्यमंत्री पहले पर्यटन सुविधा केंद्र पहुंचे। यहां पहुंचते ही पहले संतों, महंतों और धर्माचार्यों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर स्वागत किया। संतों ने भी मुख्यमंत्री को कई वस्तु भेंट कीं। सीएम ने कहा कि जब-जब इस पावन भूमि पर आऊं तो संतों का सानिध्य मिलता रहे।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री के आगमन से पूर्व ही टीएफसी में संतों को भोजन प्रसाद के लिए कतार में बैठाया दिया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने लगभग 500 संत, महंत, महामंडलेश्वर और धर्माचार्यों के साथ प्रसाद ग्रहण किया। प्रसाद ग्रहण करते हुए योगी आदित्यनाथ ने साथ बैठे साधु-संतों से उनका हाल-चाल भी जाना। जहां मुख्यमंत्री योगी स्वयं सभी संतों को अपने हाथों से भोजन प्रसादी वितरित कर संतों के साथ स्वयं ने प्रसाद ग्रहण किया।
संत समागम के बाद मुख्यमंत्री ने संबोधन की शुरूआत राधे रानी, यमुना महारानी, गो माता और सब संतन की जय के साथ की। उन्होंनेे कहा कि मेरी इच्छा थी कि जब पावन भूमि पर आऊं तो संतों का सानिध्य मिलता रहे, ऐसा होने से कठिन से कठिन चुनौती भी महोत्सव में बदल जाती है। फरवरी में हमने कुंभ पूर्व वैष्णव बैठक की थी। हमारे कार्यक्रम पर बिहारी लाल की कृपा हुई कि कार्यक्रम सकुशल संपन्न हुआ। उस दौरान कोई कोरोना का संकट नहीं था, न कोई डर सभी आयोजन सफल हुए।
विज्ञापन

उन्होंने कहा कि ब्रज रज उत्सव के लिए सांसद हेमा मालिनी ने विजयदशमी पर आयोजन की बात कही थी लेकिन यह संभव नहीं हो सका, लेकिन सांसद हेमा जी के प्रयासों का ही नतीजा है जो आज यह आयोजन होने जा रहा है। इसके बाद जय श्री राम के जयकारे के साथ संबोधन समाप्त हुआ।
इससे पूर्व मंच पर ध्रुपद गायक आनंद कुमार मलिक एवं साथियों द्वारा ध्रुपद धमार गायन किया गया। पूरे परिसर में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए। जीएलए विश्वविद्यालय के कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल और उत्तर प्रदेश तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने संतों को दक्षिणा भेंट की।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें