मथुरा। करनावल की घटना के चार दिन बाद भी जिले के विधायक और सांसदों में से कोई भी पीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने नहीं पहुंचा। बुधवार को जब समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण आए तो विधायकों को भी करनावल की याद आ गई। मंत्री के साथ ही दो विधायक पहुंचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी।
21 फरवरी को करनावल में अनुसूचित जाति की दो बेटियों को शादी से पहले आरोपियों ने कार से खींचकर पीटा था। बचाने आए परिजन और बरातियों की भी पिटाई कर दी थी। इसके बाद से गांव में पुलिस का पहरा है। वहीं सपा, बसपा, कांग्रेस, भाजपा समेत अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। लेकिन सरकार की तरफ से न तो जिले के विधायकों ने और न सांसदों ने पीड़ित से मुलाकात की।
बुधवार को देर रात अचानक समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण का करनावल आने का कार्यक्रम जारी हुआ तो विधायकों को भी इसकी याद आ गई। मंत्री असीम अरुण के साथ विधायक बलदवे पूरन प्रकाश और विधायक गोवर्धन ठाकुर मेघश्याम भी करनावल पहुंचे। उन्होंने भी पीडि़त परिवार से मुलाकात की। गांव में इसकी चर्चा है कि पहले कोई जिले का विधायक या सांसद पीड़ित से मिलने क्यों नहीं आया।
विधायक मेघश्याम ने खनन रोकने के दिए निर्देश
गांव करनावल पहुंचे विधायक ठाकुर मेघश्याम ने समाज कल्याण मंत्री को बताया कि आरोपी खनन के काम से जुड़े हैं। इससे वे मोटी कमाई करते हैं। उन्होंने कहा कि अगर आरोपियों की कमर तोड़नी है तो खनन पर पूरी तरह रोक लगानी होगी। समाज कल्याण मंत्री ने खनन पर कार्रवाई करने के आदेश प्रशासन को दिए हैं।