मथुरा। तापमान बढ़ने के साथ ही जिले के अधिकांश गांव पेयजल संकट से जूझेंगे। ऐसा सरकारी आंकड़े बता रहे हैं। कई ब्लॉक के गांवों में खारा पानी और टीडीएस (टोटल डिसॉल्वड सॉलिड) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। जिले के सभी दस ब्लॉकों के भूगर्भ जल में टीडीएस की मात्रा तय मानक से काफी ज्यादा है। गोवर्धन ब्लॉक में सबसे ज्यादा 5000 टीडीएस है, यहां का पानी पीने लायक नहीं है। यह लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इससे लोगों को पेट, हड्डी और त्वचा के रोग हो रहे हैं।
गोवर्धन ब्लॉक के गांव बछगांव, मगोर्रा, सौंसा, मुड़सेरस, मरौसी, सौंख देहात, जानू में पानी का टीडीएस 5000 तक पहुंच गया है। इन क्षेत्रों में पानी में फ्लोराइड की मात्रा भी अधिक पाई जा रही है। इधर, नौहझील ब्लॉक के गांव बड़ौत, दीनू पट्टी, खानपुर, मोइद्दीनपुर के जल में फ्लोराइड के साथ ही टीडीएस 3000 से अधिक है। फरह ब्लॉक के गांव हथौली, पींगरी, गढ़ी रामबल, बेरी, परखम, मदेरुआ में पानी में टीडीएस की मात्रा 4000 है। नंदगांव ब्लॉक के गांव मानकी, मदराना, तुमोला, सिरथला, गिडोह के जल में 3500 तक टीडीएस है।
चौमुहां ब्लॉक के गांव सहार, गांव परखम गूजर, अकबरपुर में टीडीएस की मात्रा 3000 है। इससे सटे छाता ब्लॉक के गांव गुहेता दसबिसा और गांव गोहारी में टीडीएस की मात्रा 3500 के आसपास है। बलदेव ब्लॉक के गांव अवैरनी, दघेंटा किशनपुर में 3000 है। जबकि नहर के किनारे के गांवों का पानी पीने योग्य है। राया ब्लाक के गांव ब्यौही, खेड़िया, सिहोरा आदि गांवों के पानी में टीडीएस की मात्रा 2500 है। मांट ब्लाक के गांव डडीसरा, विवावली, जाबरा में टीडीएस 3000 है। मथुरा ब्लाक के वृंदावन बांगर, लाढ़पुर में टीडीएस की मात्रा 2500 से अधिक है। जलनिगम के जल प्रयोगशाला तकनीशियन जेएस भारद्वाज ने बताया कि 500 से 2000 तक टीडीएस वाला पानी ही पीने योग्य है। इससे ज्यादा खतरनाक होता है। जिले में लगातार भूगर्भ जलस्तर भी गिरता जा रहा है। फरह, बलदेव, नौहझील राया डार्क जोन मेें हैं। जैसे-जैसे जलस्तर गिर रहा है, पानी और खराब हो रहा है।
अधिक टीडीएस का पानी नुकसानदायक
अधिक टीडीएस वाला पानी पीने से शरीर को काफी नुकसान हो सकता है। इससे पीलिया, टाइफायड, पेट के रोग व हड्डियों में दर्द व त्वचा के रोग पनपने लगते हैं और बाल पकने लगते हैं। अधिक फ्लोराइड से शरीर को लकवा भी मार सकता है।
- डा. पीयूष चौबे, मेडिकल अफसर, जिला संयुक्त अस्पताल
अलीगढ़ से पानी लाते हैं मानागढ़ी के लोग
मथुरा के गांव मानागढ़ी के लोग अलीगढ़ के कसबा जट्टारी के गांव जैदपुरा से पीने के लिए पानी लाते हैं। गांव मानागढ़ी में पेयजल संकट रहता है। गांव में खारा पानी होने के कारण लोग अलीगढ़ के गांव जैदपुरा तक बैलगाड़ी और ट्रैक्टर से टंकियां लेकर जाते हैं और वहां से पानी लाते हैं।