मथुरा। यमुना एक्सप्रेस वे से बांकेबिहारी की नगरी वृंदावन का रास्ता सुगम बनाने के लिए 257 करोड़ से अधिक की योजना पर अब जल्द ही अमल शुरू होने जा रहा है। 7.28 किलो मीटर का यह मार्ग पूरी तरह से पानीगांव तक नया होगा। इसकी रूपरेखा निर्माण खंड ने तैयार कर ली है।
पिछले दिनों उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद से प्रस्तावित फोरलेन मार्ग को स्वीकृति प्रदान की थी। प्रस्तावित फोरलेन के प्रस्ताव पर 257.55 करोड़ रुपये के खर्च का आंकलन किया गया है। यह मार्ग वर्तमान टू लेन मार्ग से अलग होगा। इस पर डीएम और पीडब्ल्यूडी के बीच सहमति बन गई है। प्रस्ताव के मुताबिक यमुना एक्सप्रेसवे वृंदावन कट के अंडरपास से यह मार्ग शुरू होकर सीधे पानीगांव के निकट लक्ष्मी नगर की ओर जाने वाली सड़क तिराहे पर जुड़ जाएगा।
इसके आगे पुराने मार्ग को ही विस्तार दे दिया जाएगा, जो यमुना पुल के माध्यम से पागलबाबा मंदिर तक फोरलेन के रूप में तैयार होगा। अब तक वृंदावन के लिए यमुना एक्सप्रेस से दो लेन मार्ग है। इस पर जाम की समस्या से निदान के लिए सरकार ने फोरलेन के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। इस पर करीब 55 करोड़ से अधिक की लागत आएगी। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन के चयन की शुरुआत होने जा रही है
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3.8 करोड़ रुपये देने होंगे वन विभाग को
वृंदावन फोरलेन के लिए कार्यदायी संस्था पीडब्ल्यूडी को 3.8 करोड़ का भुगतान वन विभाग को भी करना है। इसके अलावा रोड के बीच आ रही बिजली की लाइनों के हटाये जाने के लिए 1.3 करोड़ रुपये दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम को भुगतान करना होगा।
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यमुना पर बनेगा पुल, 55 करोड़ की आ रही लागत
वृंदावन के लिए बनने जा रही फोरलेन रोड के लिए यमुना पर एक और पुल का निर्माण होगा। यह पुल पुराने के निकट ही बनेगा। इस पर करीब 55 करोड़ से अधिक की लागत आएगी। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन का चयन की शुरुआत होने जा रही है। इसमें 124 करोड़ रुपये जमीन अधिग्रहण पर ही खर्च आ रहा है।
-बीसी मिश्रा, सहायक अभियंता पीडब्ल्यूडी