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यमुना का पानी उतरा: मथुरा में गंदगी घाटों तक आई, अब करो सफाई; चार फीट तक जमा है सिल्ट

Tue, 08 Aug 2023 10:54 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

मथुरा में यमुना का पानी उतर गया है। अब गंदगी घाटों में जमा हो गई है। यहां चार फीट तक सिल्ट जमा है। इसकी सफाई की चिंता न सामाजिक संगठन और न आसपास के उन लोगों को इसकी परवाह है, जिनकी रोजी-रोटी यमुना से चलती है।
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मथुरा में उफान पर यमुना: वृंदावन में केसी घाट के आगे उफान लेती यमुना। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तीर्थनगरी मथुरा में यमुना का पानी उतर रहा है, लेकिन घाट बदसूरत हो गए हैं। सीढ़ियों से पानी उतर जाने के बाद 3-4 फीट तक सिल्ट जमा हो चुकी है। ताज्जुब है कि एक सप्ताह से घाटों का यह आलम है, लेकिन न तो यमुना प्रदूषण को लेकर चिंता जताने वालों को, न सामाजिक संगठन और न आसपास के उन लोगों को इसकी परवाह है, जिनकी रोजी-रोटी यमुना से चलती है। नगर निगम प्रशासन भी इन घाटों की सफाई को लेकर आंखें मूंदे हुए हैं। गाद जमा होने से बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। वे किसी तरह कीचड़ से बचकर मा यमुना का आचमन कर रहे हैं।

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मंगलवार को यमुना का जलस्तर पिछले 24 घंटे के दौरान 31 सेंटीमीटर कम दर्ज किया गया। प्रयागघाट पर शाम चार बजे यमुना 164.88 मीटर के निशान पर थी। इससे अब पूरी तरह से स्थिति सामान्य हो गई है। पानी उतरने से घाटों की सीढ़ियां गाद से अटी हैं। विश्रामघाट और बंगाली घाट पर नलकूप के पानी के तेज बहाव से फिर यमुना में ही बहाया जा रहा है। रामघाट, श्याम घाट, शृंगार घाट, बंगालीघाट भी सिल्ट से अटे हुए हैं। 

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विश्राम घाट पर बने छोटे-छोटे मंदिर गाद से भरे हैं, लेकिन इन्हें साफ करने जहमत न तो नगर निगम उठा रहा है और न ह यमुना स्वच्छता से जुड़े होने का दम भरने वाले सामाजिक संगठन। नगर निगम के सफाई कर्मचारी सिल्ट उठाने के बजाए उसे यमुना में ही बहाने में जुट गए हैं। यमुना किनारे घाटों की ओर जाने वाली गलियों में भी कीचड़ भरा है। दिनभर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को इससे बड़ी परेशानी हो रही है।

यमुना में चलने लगीं नावें

यमुना का पानी उतरने के बाद अब नौका विहार भी होने लगा है। करीब 20 दिन नावें बंद रहने से नाविकों के सामने रोजी-रोटी की बड़ी समस्या खड़ी हो गई थी, लेकिन पानी कम होने के बाद श्रद्धालु भी आने लगे हैं और वे नौका विहार भी कर रहे हैं। इससे नाविकों के चेहरे पर खुशी का माहौल है।

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कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन घाटों से सिल्ट नहीं हटाई जा रही है। एक दो दिन बाद यही सिल्ट फिर से यमुना में ही समा जाएगी। इससे फिर घाटों के नीचे बालू नहीं सिल्ट जमा होगी, जो घाटों पर पानी में उतरकर पूजा करने वालों के पैरों से यमुना जल को गंदा करेगी।  -प्रहलाद शर्मा

सभी को पता है कि बाढ़ के साथ घाटों पर सिल्ट जमा हो गई है। इसे जल्द न हटाया गया तो यह फिर यमुना में ही चली जाएगी। नगर निगम ने इस ओर अब तक कोई ध्यान भी नहीं दिया है। कई घाटों पर तो बड़ी मात्रा में सिल्ट है। इसे जल्द हटाया जाए। अब तो श्रद्धालु भी यमुना पूजन के लिए आने लगे हैं।  -सुरेश नाविक

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यमुना का जल स्तर सामान्य होने के बाद अब श्रद्धालुओं का आवागमन शुरू हो गया है, लेकिन घाटों पर सिल्ट जमी हुई है। उसे हटाने का काम नहीं किया जा रहा है। कई दिन हो गए घाटों पर गंदगी को पड़े हुए, लेकिन किसी को परवाह नहीं है।  -लाला राम नाविक

अब बाढ़ खत्म हो चुकी है। लोगों की सामाजिक गतिविधियां सामान्य होने लगी हैं। लोग यमुना का आचमन और स्नान करने के लिए पहुंचने लगे हैं। बाढ़ के पानी के साथ घाटों पर आई गंदगी परेशानी का कारण बनी हुई है। नगर निगम प्रशासन को जल्द इस दिशा में काम करना चाहिए।  -लोकेंद्र नाथ कौशिक
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