9 सितंबर 2022 की रात 9 बजे उनके सामने बेटे के पैर में गोली मारी। इसके बाद उनके बेटे पर चोरी की बाइक, हथियार, पुलिस पर फायरिंग और नोएडा के हिस्ट्रीशीटर बदमाश नागेश की हत्या में शामिल होने का मुकदमा दर्ज किया। साथ ही गैंगस्टर भी लगा दी। जो बाइक उनके बेटे पर बरामद दिखाई पुलिस ने वही बाइक दूसरे अपराध में भी बरामद दिखाकर मुकदमा दर्ज किया।
आरोप है कि उन्हें छोड़ने के लिए थाना प्रभारी अंजनी कुमार ने एक लाख रुपये लिए। करीब छह माह बाद 21 फरवरी 2023 को उनके बेटे को हाईकोर्ट से जमानत मिली। इसके बाद उनके बेटे का सफदरजंग अस्पताल में इलाज चला। वह लगातार अधिकारियों के यहां न्याय की गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने एक न सुनी। 10 जून 2024 को वह थाने गया तो पुलिसकर्मियों ने गाली गलौज कर उसे भगा दिया। इसके बाद उन्होंने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट ने 14 फरवरी 2025 को सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद वह पुनः कोर्ट गए और तब जाकर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की।
ये भी पढ़ें - Agra: लोन लेकर खोला सर्विस सेंटर, अब हर महीने एक लाख रुपये की कमाई; डीएम देखने पहुंचे स्टार्टअप