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Mathura: अयोध्या से लौटीं साध्वी ऋतंभरा, वात्सल्य ग्राम में छाया उल्लास; भक्तों संग रामधुन में जमकर झूमीं

Wed, 24 Jan 2024 06:18 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

साध्वी ऋतंभरा अयोध्या से लौटीं तो वात्सल्य ग्राम में उल्लास छा गया। साध्वी दीदी भक्तों संग रामधुन में जमकर झूमीं। 
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अयोध्या से लौटीं साध्वी ऋतंभरा, वात्सल्य ग्राम में छाया उल्लास - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अयोध्या धाम में श्री रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने गए अतिथि वापस हो गए हैं। तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन से गईं साध्वी ऋतंभरा भी वापस आ गई हैं। उनके वापस वात्सल्य ग्राम पहुंचने पर शिष्य-शिष्याओं एवं गोकुलम की माताओं ने मुख्य द्वार पर उनका पुष्प माला पहनाकर भव्य स्वागत किया। 

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108 दीपों से उनकी आरती उतारी। भगवा पताकाओं के बीच आतिशबाजी करते हुए ढोल नगाड़ों के साथ नाचते-गाते दीदी मां को मंगल मानस ले गए। जहां उन्होंने सर्व मंगला माता का पूजन-अर्चन किया। सभी ने उल्लास के साथ खुशियां मनाईं और नृत्य किया। 

इस मौके पर साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि प्रभु श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा से भारत का खोया गौरव फिर से लौट आया है। अयोध्यापुरी अब पूरे विश्व की सांस्कृतिक राजधानी बनेगी। श्री रामलला के दर्शन से वर्षों वर्ष का ताप-संताप दूर हो गया है। हृदय की दरिद्रता चली गई है। 
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500 सालों की प्रतीक्षा के बाद मंदिर बना तो प्राण प्रतिष्ठा भी उसी भव्यता और दिव्यता के साथ  हुई है। 11 दिन के उपवास और तप के बाद प्रधानमंत्री ने प्रभु राम की प्राण-प्रतिष्ठा पूजन किया तो ऐसा लगा कि युगों बाद भारत को ऐसे प्रधानमंत्री मिले हैं, जिन्होंने बहुसंख्यक सनातनी जगत की जन भावनाओं को समझा और उनका सम्मान किया।  

ऋषियों-मुनियों, शूरवीरों के श्रम और साधना के कारण ही हमको यह दिन देखने को मिला है। बहुत वर्षों का बोझ मेरे हृदय से उतर गया है। मेरा वर्षों का आर्तनाद पर्मोल्लास में परिवर्तित हो गया है। इस अवसर पर साध्वी ऋतंभरा ने वात्सल्य ग्राम वासियों को प्राण-प्रतिष्ठा की बधाई दी। मिठाई का वितरण किया। देर रात तक चले इस उल्लास उत्सव में सभी ने खूब जमकर के नृत्य किया। 

इस अवसर पर संजय भैया, साध्वी साक्षी चेतना, साध्वी सुह्रदया, सत्यप्रिया, स्वामी सत्याशील, स्वामी सत्यश्रवा, कुलभूषण गुप्ता,साध्वी समन्विता, साध्वी सत्यकीर्ति,साध्वी सत्य व्रता,साध्वी सत्यनिष्ठा, साध्वी सत्यश्रद्धा, साध्वी सत्य मूर्ति,साध्वी सत्य निधि एवं गोकुलम परिवार उपस्थित रहा।
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