मथुरा। मथुरा-वृंदावन महानगर के प्रथम नागरिक महापौर डॉ. मुकेश आर्य बंधु के घर के आसपास २०० से अधिक वाल्मीकि परिवार पिछले छह माह से पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। कोई बंगालीघाट से पानी की व्यवस्था करता है तो कोई मुस्लिम क्षेत्र से पानी ला रहा है। क्षेत्र में उत्पन्न हुए पेयजल संकट को लेकर क्षेत्रीय लोगों ने पार्षद से लेकर महापौर तक का द्वार खटखटाया है। लेकिन सुनवाई न होने पर बुधवार को पीड़ित महिलाओं ने नगर निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया।
भरतपुर गेट स्थित वाल्मीकि बस्ती में पेयजल संकट से परेशान महिलाओं ने बड़ी संख्या में नगर निगम कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने बताया कि उनकी समस्या को लेकर सुनवाई नहीं हो रही है। छह माह हो गए पानी के लिए इधर से उधर दौड़ते हुए लेकिन पार्षद, महापौर और निगम के अधिकारी समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। पूर्व सभासद विक्रम वाल्मीकि ने बताया कि छह माह पहले वार्ड में नया नलकूप स्थापित किया गया था।
इस नलकूप से अब तक मिट्टी आ रही है। इसका पानी भी खारा है। इसकी आपूर्ति के दौरान निकलने वाली मिट्टी पाइप लाइन में जमा हो जाती है, जो गंगा जल की आपूर्ति को भी खराब कर रही है। क्षेत्र में मिट्टी के कारण पानी उपयोगी नहीं रहा है। इसके चलते लोगाें को बाहर से पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
इस समस्या को लेकर प्रदर्शनकारी महिलाओं ने अपर नगर आयुक्त सतेंद्र तिवारी को ज्ञापन दिया। उन्होंने इस समस्या का जल्द समाधान कराने का भरोसा महिलाओं को दिया। प्रदर्शन करने वाली महिलाओं में बबीता वाल्मीकि, गुड़िया वाल्मीकि, मुन्नी वाल्मीकि, ममता वाल्मीकि, संतोष वाल्मीकि, सुंदरी वाल्मीकि, राधा, सुनीता, उषा, मुन्नी देवी, ममता देवी, वर्षा वाल्मीकि, बीना, शशि कला, गुड्डी, मधु, सरिता, रानी, पिंकी वाल्मीकि, प्रीति, राजू सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं।