फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mathura News: बेटी का हाथ छूटा पर दंपती ने नहीं छोड़ा उम्मीद का दामन

विज्ञापन
मथुरा। रेलवे जंक्शन पर बड़ी बेटी के साथ बैठा पिता। - फोटो : mathura
विज्ञापन
मथुरा। आनंद और पूजा से उनकी बेटी सरस्वती का हाथ तो छूट गया, लेकिन उम्मीद का दामन उन्हाेंने थाम रखा है। उन्हें भरोसा है कि उनकी बेटी लौटकर वापस आएगी। बेटी के इंतजार में माता-पिता और बहन जीआरपी थाने पर ही मौजूद हैं। जीआरपी भी उनकी देखरेख कर रही है।
विज्ञापन

शुक्रवार रात को सरस्वती के अपहरण के बाद रात साढ़े 11 बजे के करीब आनंद और पूजा अपनी बड़ी बेटी गौरा के साथ जीआरपी थाने पहुंचे थे। यहां आनंद की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के साथ ही बच्ची की तलाश शुरू कर दी है। जंक्शन पर सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दाैरान भी परिजन साथ ही रहे। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीमें तो बच्ची की तलाश में चलीं गईं, लेकिन सरस्वती के माता-पिता और बहन गौरा जीआरपी थाने पर ही उसके लौटने का इंतजार कर रहे हैं।
मां बार-बार एक ही बात दोहरा रही है, अगर वह बेटी को अकेला छोड़कर न गई होती तो आज बेटी उसके साथ होती। वह बार-बार भगवान से हाथ जोड़कर बेटी के वापस लौटने की प्रार्थना करती है। वहीं पिता आनंद और बड़ी बहन गौरा गुमसुम हैं। गौरा को तो बस इतना पता है कि उसकी छोटी बहन कहीं चली गई है। वह बीच-बीच में बस इतना ही पूछती है कि छोटी कब आएगी। इस पर पिता जल्द सरस्वती के लौटने की उम्मीद देकर उसे शांत करते हैं।
विज्ञापन

-
शातिर है अपहरणकर्ता, जानबूझकर छोटी बेटी को बनाया निशाना
सरस्वती का अपहरण करने वाला बेहद शातिर है। उसने सोची समझी साजिश के तहत छोटी बेटी को निशाना बनाया। वह जानता था कि अगर चार साल की बेटी का अपहरण करता है तो वह चीख सकती है या फिर बाद में भी किसी को अपना या माता-पिता का नाम बता सकती है। वहीं एक साल की बेटी सरस्वती तो अभी ढंग से बोल भी नहीं पाती है। ऐसे में सरस्वती को वह आसानी से अपने पास रख सकता है।
-
टाइमलाइन
-09.50 बजे रात को लघु शंका के लिए गई मां पूजा
-10.00 बजे लौटी तो सरस्वती को लेकर जा रहा था आरोपी
-10.01 पर संपर्क क्रांति में बैठकर भाग निकला आरोपी
-10.10 पर पूजा की चीखें सुनकर पहुंचे जीआरपी के जवान
-10.20 पर जीआरपी थाने से पहुंचा स्टाफ, जुटाई जानकारी
-10.40 पर दंपती जीआरपी थाने पहुंचे
-11.00 बजे खंगाले गए सीसीटीवी कैमरे
-11.30 बजे थाने में अज्ञात के खिलाफ दी तहरीर
-12.40 पर अपहरण का लिखा गया मुकदमा

पहले भी जंक्शन से चोरी हो चुके हैं दो बच्चे, नहीं लगा सुराग
मथुरा। यह पहली बार नहीं है जब रेलवे जंक्शन से बच्चे का अपहरण किया गया है। इससे पहले भी दो बार जंक्शन से दो बच्चे गायब हो चुके हैं। आज तक जीआरपी उनका सुराग नहीं लगा सकी है। अपने बच्चों के इंतजार में परिजन की आंखें भी अब पथरा गई हैं।
रेलवे जंक्शन के मुख्य सर्कुलेटिंग एरिया में 7 जनवरी 2023 की रात को करीब 3 वर्षीय बालिका गौरा गायब हो गई थी। हरिद्वार के धोबीघाट निवासी बच्ची की मां फूलवती ने 8 जनवरी 2023 को बच्ची के चोरी होने की रिपोर्ट जीआरपी थाने में दर्ज कराई थी। घटना के बाद पुलिस ने एक बच्ची को बरामद कर आरोपी हिना को जेल भेज दिया था। हिना का कहना था कि वह बच्ची उसकी है, लेकिन जीआरपी ने उसकी एक नहीं सुनी। 15 माह बाद डीएनए जांच में साबित हो गया कि बच्ची हिना की ही है। इसके बाद उसे जेल से रिहा कर दिया गया, लेकिन फूलवती की बेटी आज तक नहीं मिल सकी।
वहीं दूसरी घटना में प्लेटफार्म संख्या 10 से 14 सितंबर 2024 की सुबह 8 माह का बच्चा शिवा उर्फ लोकेन्द्र उर्फ लोकेश को एक व्यक्ति उसकी मां सुनीता शर्मा से दूध पिलाने की बात कहकर अपने साथ ले गया। संभल के थाना कैला देवी के गांव सिकंदरपुर कटछली निवासी सुनीता पत्नी धर्मेंद्र ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जीआरपी आज तक शिवा को बरामद नहीं कर सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें