मथुरा। दिन में सामान्य नजर आने वाला विकास बाजार शाम होते ही अलग रूप ले लेता है। खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ बढ़ते ही सड़क के दोनों ओर रेहड़ी-ठेले दिखाई देने लगते हैं। फुटपाथ पर सामान और अस्थायी दुकानें लगने से पैदल चलने के लिए जगह कम पड़ जाती है। स्थिति यह हो जाती है कि कई लोगों को वाहनों के बीच सड़क से होकर गुजरना पड़ता है।
बाजार में शाम के समय सबसे ज्यादा भीड़ फास्ट फूड, चाट और अन्य खान-पान के ठेलों के आसपास दिखाई देती है। ग्राहक सड़क किनारे रुकते हैं तो पीछे से आने वाले वाहनों के लिए रास्ता और संकरा हो जाता है। थोड़ी देर में वाहनों की कतार लगने लगती है और बाजार में आवागमन धीमा हो जाता है। विकास बाजार में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। शाम के समय भीड़ बढ़ने पर वाहनों के साथ पैदल यात्रियों की संख्या भी बढ़ जाती है। फुटपाथ पहले से घिरे होने के कारण बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को सड़क के किनारे से निकलना पड़ता है। सड़क किनारे ठेले लगने से दुकानों के सामने ग्राहकों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। दुकानदारों का कहना है कि सामान की लोडिंग और अनलोडिंग के समय स्थिति और मुश्किल हो जाती है। कई बार दुकान के सामने वाहन या ठेला खड़ा होने से ग्राहक भी सीधे दुकान तक नहीं पहुंच पाते।
250 फड़ों की व्यवस्था से नहीं सुधरे हालात
नगर निगम ने मल्टीलेवल पार्किंग के पास करीब 250 फड़ों की व्यवस्था की है। इसके बावजूद शाम के समय मुख्य बाजार में ठेले दिखाई देना यह बताता है कि सिर्फ जगह उपलब्ध कराने से समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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क्या कहते हैं स्थानीय लोग
शाम के समय बाजार की ओर आते हैं तो फुटपाथ पर ठेले लगे होने के कारण चलने की जगह नहीं मिलती। कई बार सड़क पर वाहनों के बीच से निकलना पड़ता है।
- राजेश सिंह
बच्चों के साथ निकलना मुश्किल फुटपाथ पर ठेले और सामान रखा होने से बच्चों के साथ सड़क से निकलना पड़ता है। सड़क पर वाहन खड़े रहते हैं। शाम की भीड़ में यह काफी परेशानी वाला होता है।
-सुप्रिया