मथुरा(वृंदावन)। ठाकुर श्री बांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर के विरोध में नारायणी सेना ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम को दिया। आचार्य रामानुज ने बताया कि हम समस्त ब्रजवासी ठाकुर श्री बांके बिहारी कॉरिडोर का विरोध करते हैं। ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर का सौंदर्यीकरण और व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने की आवश्यकता है।
कॉरिडोर की आवश्यकता 1669 से मुगलों की कैद में श्रीकृष्ण जन्म स्थान पर है। वहीं कंसखार कंस किला गतआश्रम श्री कृष्ण से जुड़े महत्वपूर्ण स्थान हैं, जो कि जीर्ण अवस्था में हैं। श्री कृष्ण की पटरानी मां यमुना में गिर रहे नाले नालियों को बंद कराना प्राथमिकता है। जिस पर स्थानीय सरकार कार्य न करके ब्रजवासियों को गुमराह करने का कार्य कर रही है। कॉरिडोर बनाने के बहाने भारत का एक और विशिष्ट मंदिर अपने अधीन करने का षडॺंत्र कर रही है, जोकि ब्रजवासियों एवं समस्त सनातनियों के हित में नहीं है।
आज सनातन संस्कृति के मंदिर जो भारत सरकार के अधीन हैं, उन्हें मुक्त कराना प्राथमिकता है। हमारा केंद्र सरकार व योगी सरकार से आग्रह है कि ठाकुर श्री बांके बिहारी कॉरिडोर को स्थगित कर श्री कृष्ण जन्म स्थान पर भव्य कॉरिडोर का निर्माण करें। जिसमें समस्त ब्रजवासी, साधु-संत सनातनी भारत सरकार के साथ है। उन्होंने बताया कि कॉरिडोर के विरोध में नारायणी सेना द्वारा स्थानीय ब्रजवासियों के साथ 1 फरवरी के सुबह 11 से क्रमिक अनशन करेंगे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पंडित सोहन मिश्र, नीरज गोस्वामी, मुन्ना, दीपक पाराशर, आशीष अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, राज कुमार शर्मा आदि थे।