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Mathura News: ठाकुर बांकेबिहारी को माना पति

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ठाकुर बांकेबिहारी के लिए करवा चौथ का व्रत के साथ पूजन करतीं साध्वी । 
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वृंदावन। ब्रज धरा पर सांसारिक संबंधों से परे ईश्वर के प्रति अनन्य प्रेम, अटूट भक्ति और समर्पण की अद्भुत तस्वीर सामने आई है। हरियाणा के रोहतक की रहने वाली नर्स रही साध्वी इंदुलेखा ने भगवान श्रीबांकेबिहारी महाराज को अपना सर्वस्व माना हुआ है। उन्हें पति रूप में स्वीकारते हुए उनके निमित्त अपना दूसरा करवाचौथ का निर्जला व्रत रखा। आधुनिक युग में उनकी यह भक्ति ब्रज क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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साध्वी इंदुलेखा ने शाम को पारंपरिक शृंगार कर नंदगांव में पूजा-अर्चना की। वहां उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान से छलनी के जरिए अपने आराध्य और पति स्वरूप ठाकुरजी के दर्शन किए तथा चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूर्ण किया। नंदगांव में व्रत खोलने का भाव स्पष्ट करते हुए उन्होंने बताया, नंदगांव उनके पति कन्हैया का पैतृक धाम है। यहां उनके सास-ससुर यानी नंदबाबा और मैया यशोदा का निवास है। एक कुलवधू का धर्म है कि वह अपने ससुराल जाकर घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद ले, इसीलिए मैंने नंदगांव आकर अपना व्रत पूर्ण करने का संकल्प लिया।
साध्वी इंदुलेखा के जीवन में यह परिवर्तन अचानक नहीं आया। वे पहले स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक पेशेवर नर्स के रूप में कार्यरत थीं। वर्ष 2024 में जब वे पहली बार वृंदावन धाम आईं, तो ठाकुर बांकेबिहारी का दिव्य रूप देख भक्ति के रंग में ऐसी रमीं कि उन्होंने सांसारिक जीवन व पेशे को सदा के लिए अलविदा कह दिया। भगवान बांकेबिहारी से ऐसा गहरा लगाव हुआ कि उन्होंने ठाकुरजी से विधिवत विवाह रचा लिया। वे पिछले तीन वर्षों से वृंदावन में ही रहकर दांपत्य भाव से प्रभु की सेवा-भक्ति में लीन हैं। ब्रजवासी उनके इस निश्छल प्रेम और अलौकिक समर्पण की मुक्तकंठ से सराहना कर रहे हैं।
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