गोवर्धन (मथुरा)। गिरिराज परिक्रमा के संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण को लेकर एनजीटी में चल रहे मामले में कोर्ट कमिश्नर की रिपोर्ट के बाद स्थितियों का जायजा लेने शुक्रवार को राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता अमित तिवारी गोवर्धन पहुंचे। यहां उन्होंने एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया।
पिछले दिनों एनजीटी ने गिरिराज परिक्रमा की व्यवस्थाओं को लेकर तीखी नाराजगी जताई थी। खासकर गंदगी को लेकर एनजीटी के न्यायाधीश बेहद नाराज थे। डीएम और एसएसपी को तलब किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार के स्थायी अधिवक्ता अमित तिवारी से मौके पर जाने को कहा था। इसी के अनुपालन में शुक्रवार को उन्होंने गोवर्धन पहुंचकर परिक्रमा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान याची के अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने परिक्रमा की कमियों को बताया। उन जगहों को ठीक करने के प्रशासनिक अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए।
परिक्रमा मार्ग में भंडारे एवं प्याऊ संचालकों द्वारा फैलाई जा रही गंदगी पर हिदायत दी गई। नगर पंचायत कार्यालय के समीप रामलीला मैदान में गंदगी के बारे भी जानकारी की गई। यहां जलनिगम की ओर नाले निर्माण के दौरान निकले मलबे को देखा। निरीक्षण के दौरान एसडीएम गोवर्धन राहुल यादव से चर्चा की। दानघाटी के दूध प्लांट का भी निरीक्षण किया गया। टीम ने सीवरेज प्लांट को भी देखा।
शहर में संचालित औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन काटे
एनजीटी के सख्त हिदायत को देखते हुए शुक्रवार को शहरी क्षेत्र में संचालित कई औद्योगिक इकाइयों के कनेक्शन काटे गए। डिप्टी कलक्टर राजीव उपाध्याय के नेतृत्व में इस कार्यवाही के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल निगम, नगर निगम और विद्युत निगम के अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान बिरजू गिलेट, गांधी पार्क के सामने गुड्डू निखार मछली मार्केट मोनू चौबे आदि इकाईयों पर कार्यवाही की। पूर्व में काटे गए कनेक्शन वाली इकाइयों को भी देखा।