मथुरा। हत्यारोपी बांक के साथ पुलिस गिरफ्त में।
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मथुरा। छाता कोतवाली क्षेत्र में एक व्यक्ति को उसकी समधन एवं उसके बेटे ने मार डाला था। इस घटना से तीन माह पहले इन्हीं दोनों ने मिलकर उसकी बेटी की बांह तोड़ दी थी। हालांकि बाद में पंचायत के बाद मामला रफा-दफा हो गया। शुक्रवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया। छोटे भाई की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर हत्यारोपी समधन और उसके बेटे को गिरफ्तार कर लिया।
जैंत थाना क्षेत्र के गांव परखम गुर्जर निवासी चंद्रपाल (52) बृहस्पतिवार को छाता के गांव सेवलगढ़ गए थे। यहां बेटी करीना की सास कमलेश और जेठ सुनील ने बांक, तवा और फूंकनी से पीटकर चंद्रपाल को मौत के घाट उतार दिया। वारदात से पहले चंद्रपाल के साथ आई छोटी बेटी आरती दुकान से सामान लेने गई थी।
चंद्रपाल के छोटे भाई भोजपाल सिंह ने बताया कि उनकी भतीजी आरती ने छत से कूदकर अपनी जान बचाई और उन्हें जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तीन माह पहले बड़ी भतीजी करीना की उसकी सास और जेठ ने बांह तोड़ दी थी। इसका विरोध जब करीना के पति लोकेश ने किया तो उसके साथ अभद्रता की। आए दिन घर में होने वाले क्लेश के चलते ही लोकेश ने डेढ़ माह पहले फंदा लगाकर अपनी जान दे दी।
पुलिस ने तहरीर पर कमलेश व सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी विनोद बाबू मिश्र ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त बांक भी बरामद हुआ है।
हत्या करने के बाद सुनील ने पुलिस को किया फोन
चंद्रपाल के छोटे भाई भोजपाल सिंह ने बताया कि उनके भाई की हत्या करने के बाद सुनील ने स्वयं पुलिस को फोन किया। पुलिस को बताया कि उसने चंद्रपाल की हत्या कर दी है। पुलिस ने मौके पर ही सुनील और उसकी मां कमलेश को हिरासत में ले लिया था।