मथुरा। शकूरबस्ती ईएमयू हादसे की जांच के लिए शनिवार को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी मथुरा आ रहे हैं। वे हादसे के कारणों की पड़ताल करेंगे। इस मामले में निलंबित पांचों रेल कर्मचारी शुक्रवार को डीआएम कार्यालय आगरा गए और जांच समिति के समक्ष अपना पक्ष रखा है।
26 सितंबर को शकूरबस्ती ईएमयू हादसे की जांच के लिए डीआरएम ने चार सदस्यीय समिति का गठन किया था। घटना का वीडियो भी वायरल हो गया है, जिसमें इंजन के अंदर का संपूर्ण घटनाक्रम दर्ज है। यह वीडियो ही इस हादसे के मूल कारणों को स्पष्ट कर रहा है।
इसमें चालक की लापरवाही और बाद में आए सहायक कर्मचारी की करतूत का खुलासा हो रहा है। अब इस हादसे के कारणों की जांच के लिए कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी मथुरा आ रहे हैं। वे प्लेटफार्म दो के दिल्ली एंड पर, जहां हादसा हुआ, वहां जांच करेंगे। इससे पहले डीआरएम स्तर पर लोको पायलट सहित पांच कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है।
बयान के लिए निलंबित कर्मचारियों को आगरा बुलाया गया था, जिन्होंने डीआरएम कार्यालय पहुंचकर अपना पक्ष रखा है। पीआरओ प्रशस्ति श्रीवास्तव ने बताया कि यह प्रक्रिया जांच का हिस्सा है, कर्मचारियों ने क्या पक्ष रखा इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
ओएचई न टूटती तो प्लेटफार्म पर और आगे बढ़ जाती ईएमयू
ईएमयू हादसे की जांच में कई पहलु सामने आ रहे हैं। ओएचई टूटने से ही ट्रेन के ठहराव की बात भी सामने आई है। माना जा रहा है कि ओएचई के स्थान पर डीजल इंजन होता तो यह ट्रेन प्लेटफार्म पर बडे़ हादसे का कारण बन सकती थी। हादसे के दौरान प्लेटफार्म पर चढ़ने के बाद ट्रेन के रुकने का कारण ओएचई का टूटना है। ईएमयू की टक्कर से ओएचई का खंभा टूटा और लाइन भी इससे क्षतिग्रस्त हो गई। यही कारण है कि प्लेटफार्म पर चढ़ने के बाद ओएचई टूटते ही पावर बंद होते ही इंजन रुक गया।