गांव बाबूगढ़ से लोगो को निकालते एसडीएम और थाना प्रभारी
शेरगढ़। यमुना नदी का जलस्तर निरंतर बढ़ता जा रहा है। किनारे के कई गांव यमुना के पानी से घिरे हुए हैं। मंगलवार को स्थिति और ज्यादा चिंताजनक हो गई। ज्यादातर लोग प्रशासन से मदद की गुहार लगाते नजर आए। मंगलवार को स्टीमर की सहायता से बाढ़ पभिावित लोगों को सुरिक्षत स्थानों पर भेजा। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि छाता उप जिलाधिकारी के निर्देश पर गांव बाबूगढ़, चमन गढ़ी, ओवा बहटा व नगला सपेरा के कुछ लोगों को गांव से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया है।
शेरगढ़ के गांव बाबूगढ़, ढिमरी गुलालपुर, सपेरा नगला, चमन गढ़ी, ओवा-बहटा आदि सभी गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। जिला प्रशासन यहां स्टीमर चलाकर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह रहा है। हालांकि लोग गांव छोड़ने के बजाए पशुओं के लिए चारे की मांग कर रहे हैं। नदी किनारे के पांच गांव बाढ़ से घिरे हैं, इनमें हर दिन पानी बढ़ रहा है। इधर शेरगढ़-नौहझील मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया है। शेरगढ़ के थाना प्रभारी प्रदीप कुमार बाढ़ पीड़ित गांवों की निगरानी कर रहे हैं। बाढ़ चौकी पर एसआई प्रवीण तैनात हैं।
इधर नंदगांव में मंगलवार का दिन नगरवासियों ने भीगते हुए बिताया। सुबह से ही आसमान पर बादलों का डेरा रहा। दिन निकलते ही हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। कभी तेज तो कभी धीमी रफ्तार से बरसती फुहारों ने पूरे दिन मौसम को सुहावना बनाए रखा। लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दुकानों पर ग्राहक कम दिखे। लोग बारिश के चलते घरों से बाहर नहीं निकल सके। छोटे बच्चों और युवाओं ने मौसम का आनंद लिया तो वहीं दैनिक मजदूरी करने वाले लोगों के लिए यह दिन परेशानी भरा साबित हुआ। संवाद