मनीष यादव ने कुछ दिन पूर्व इलाहाबाद हाईकोर्ट में श्रीकृष्ण जन्मस्थान ईदगाह प्रकरण के सभी केसों को जल्द निस्तारित करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इस पर हाईकोर्ट ने सभी केस चार माह के अंदर निस्तारित करने के आदेश निचली अदालत को दिए थे। इसके बाद मनीष यादव ने शुक्रवार को सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में अलग-अलग तीन प्रार्थना पत्र दाखिल किए। इनमें उन्होंने ईदगाह परिसर का अधिवक्ता कमीशन द्वारा सर्वे कराए जाने की मांग की है।
उन्होंने अदालत से प्रार्थना की है कि इस सर्वे में दो जूनियर अधिवक्ताओं को भी सहायक कमिश्नर के रूप में शामिल किया जाए। इसके साथ मांग की है कि सर्वे तक उक्त स्थल पर लोगों का आवागमन भी रोका जाए। प्रार्थना पत्र में उन्होंने कहा है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश तक ईदगाह परिसर क्षेत्र में आवागमन रोका जाए। सर्वे के समय जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी शामिल किया जाए। उनके अधिवक्ता दीपक शर्मा ने बताया कि सभी प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने एक जुलाई की तिथि तय की है।
बेगम साहिबा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे ठाकुर केशवदेव का विग्रह होने का दावा
औरंगजेब ने ठाकुर केशवदेव के विग्रह को मथुरा के मूल मंदिर से उठाकर आगरा में लाल किले के निकट बेगम साहिबा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफन कर दिया था। यह विग्रह आज भी सीढ़ियों के नीचे दफन है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को इस संबंध में एक दावा सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दाखिल किया।
इसमें उन्होंने मांग की कि उक्त विग्रह को वहां से निकाल कर मथुरा में जहां ईदगाह है उस स्थान पर प्राण-प्रतिष्ठित किया जाए। अदालत ने दावे को सुनने के बाद वापस कर दिया। पक्षकार को बताया कि वे पहले 80 सीपीसी को नोटिस दें, उसके बाद दावा दाखिल किया जाएगा।
दावा दाखिल करने वाले श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष ने बताया कि चूंकि हमने अपने दावे में केंद्रीय सचिव पुरातत्व विभाग को भी पार्टी बनाया था इसलिए अदालत ने हमें 80 सीपीसी का पहले नोटिस दिए जाने के लिए कहा है।